रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में डेंगू के डंग से बच्चे और बड़े सभी पस्त हो रहे हैं। हर दिन डेंगू बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं। महंगे अस्पतालों में उपचार कराने से वंचित लोग सरकारी अस्पतालों में फर्श पर लेटकर उपचार ले रहे हैं। गुरुवार को जिला अस्पताल लैब की एलाइजा जांच की 27 रिपोर्ट में पांच और मेडिकल कालेज की लैब की 37 रिपोर्ट में 19 नए मरीज मिले। 24 नए मरीजों की एलाइजा जांच में पुष्टि की गई। जिले में अब तक एलाइजा जांच से 364 डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। किट जांच का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है।

जिला अस्पताल में मरीजों को बेड नहीं मिलने से जमीन पर लेटकर उपचार लेना पड़ रहा है। मेडिकल कालेज के चार डेंगू वार्डों में 230 मरीज भर्ती हैं और लगातार नए मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही हैं। शहर के 467 घरों के सर्वे में 43 घरों में लार्वा मिला, जिसे नष्ट कराया गया। गुरुवार को भी किट जांच में 50 नए मरीज सामने आए हैं, जो मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल व निजी अस्पतालों में उपचार लेने पहुंचे। सिविल सर्जन डा. आनंद चंदेलकर ने बताया कि मरीज तो तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें डेंगू के साथ मौसमी बुखार के भी हैं। जिला अस्पताल में बेड कम पड़ने के कारण मेडिकल कालेज में चार वार्ड बनाए गए हैं। कोशिश है कि सभी मरीजों को समुचति उपचार मिले। अब मरीज इस तरह बढ़ रहे हैं कि व्यवस्था को संभालना कठिन हो रहा है। लोगों को उपचार लेने के साथ मच्छरों से बचाव के उपाय भी करना होगा। सहायक मलेरिया अधिकारी एनएस वसुनिया ने बताया कि शहर के अलावा ग्रमीण क्षेत्रों में सर्वे के साथ दवा छिड़काव हो रहा है। नए मरीज मिल रहे हैं, इसका कारण वर्तमान मौसम है। डेंगू का लार्वा पनप रहा है और मच्छर पैदा हो रहे हैं। सर्वे के दौरान लार्वा मिल रहा है, जिसे नष्ट कराया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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