रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चलती ट्रेन में नाबालिग स्कूली छात्रों के साथ अश्लील हरकत करने के दोषी पाए जाने पर न्यायालय ने कोच अटेंडर अभियुक्त 29 वर्षीय ब्रजेश पांडे पुत्र चंद्रिका प्रसाद पांडे निवासी ग्राम रनेही थाना खेमरिया जिला रीवा को पाक्सो एक्ट की धारा 7/8 में तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उस पर चार हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। फैसला मंगलवार को पाक्सो एक्ट न्यायालय के विशेष न्यायाधीन योगेंद्रकुमार त्यागी ने सुनाया।

पाक्सो एक्ट की विशेष लोक अभियोजक गौतम परमार ने बताया कि 23 जनवरी 2015 को मुंबई स्थित एक स्कूल के दो शिक्षक स्कूल के चयनित 32 विद्यार्थियों को व चार टूर कंडक्टरों के साथ एजुकेशन यात्रा पर राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर एवं जयपुर ले गए थे। वहां से 28 जनवरी को वे विद्यार्थियों को जयपुर-मुंबई सुफरफास्ट ट्रेन से वापस लेकर मुंबई जा रहे थे। रास्ते में अभियुक्त कोच अटेंडर ने तीन बच्चों के साथ अश्लील हरकत की थी। 29 जनवरी 2015 को सुबह साढ़े आठ बजे ट्रेन पालघर स्टेशन के पास पहुंची, तब तीनों नाबालिग छात्रों ने शिक्षकों को बताया कि रात साढ़े दस बजे नागदा रेलवे स्टेशन क्रास होने पर उनके साथ कोच अटेंडर ने अश्लील हरकत की थी। शिक्षकों ने छात्रों को साथ लेकर कोच अटेंडर को तलाश किया तो वह एक कैबिन में सोता मिला था। उसे छात्रों ने पहचान लिया था। कोच अटेंडर की शर्ट पर लगी नेम प्लेट पर ब्रजेश पांडे नाम लिखा हुआ था। शिक्षकों ने उसे पकड़कर ट्रेन के मुंबई सेंट्रल स्टेशन पहुचंने पर रेलवे पुलिस के सुपुर्द कर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटनास्थल रतलाम क्षेत्र का होने से प्रकरण जांच के लिए जीआरपी थाने पर भेजा था। जीआरपी ने विवेचना के बाद न्यायालय में चालान पेश किया था। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी पाक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक अनिल बादल व गौतम परमार ने की।

Posted By: Nai Dunia News Network

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