रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के सेमलिया गांव के एक 12 वर्षीय बालक की डेंगू मेडिकल कालेज उज्जैन में गत रात्रि मौत हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला भी हरकत में आया है। एलाइजा टेस्ट नहीं होने से विभागीय स्तर पर डेंगू से मौत की पुष्टि नहीं की जा रही है, लेकिन बालक की एंटीजन रिपोर्ट पाजिटिव थी। इसी तरह एक 16 वर्षीय किशोरी की भी जिला अस्पताल में बुखार से मौत हो गई।

सेमलिया निवासी 12 वर्षीय हरिओम पुत्र विशाल सोलंकी को तेज बुखार आने पर पहले गांव में उपचार दिलाया गया था। इसके बाद जब हालत बिगड़ी तो शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां एंटीजन किट जांच में डेंगू पाजिटिव मिलने पर उपचार किया, लेकिन प्लेटलेट्स लगातार कम होते हुए 31000 हजार पहुंचने पर बालक की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद निजी अस्पताल ने मेडिकल कालेज उज्जैन रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान मंगलवार की देर रात बालक की मौत हो गई है।

गांव में होगा विशेष सर्वे

स्वास्थ्य विभाग ने अपनी गाइड लाइन के अनुसार डेंगू से मौत की पुष्टि नहीं की, लेकिन प्लेटलेट्स की स्थिति और एंटीजन रिपोर्ट के आधार पर डेंगू से मौत की संभावना से इंकार भी नहीं किया। साथ डेंगू से बालक की मौत होने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में सर्वे करने के लिए भी पहुंच गई है। गुरुवार को मलेरिया विभाग की टीम विशेष सर्वे करने जा रही है। मलेरिया अधिकारी डा. प्रमोद प्रजापति ने बताया कि सूचना मिलने पर हम मामले को संज्ञान में लिया है। बालक का उपचार निजी अस्पताल में चला था। एंटीजन में डेंगू मिला है, लेकिन एलाइजा टेस्ट के बिना डेंगू से मौत की पुष्टि नहीं की जा सकती। मरीज की हालत ऐसी थी कि डेंगू की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। बालक की डेंगू से संदिग्ध मौत मानकर हम पूरे गांव में सर्वे करा रहे हैं।

बुखार से मौत, पीएम नहीं कराया

बिलपांक थाना क्षेत्र के ग्राम रत्तागढ़खेड़ा निवासी 16 वर्षीय संतोष पुत्री सखुराम की बुखार से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार संतोष को बुखार आने से तबीयत बिगड़ने पर मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रात करीब तीन बजे उसने दम तोड़ दिया। डाक्टर ने पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा था, लेकिन स्वजन ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। बुधवार सुबह स्वजन शव घर ले गए व अंतिम संस्कार किया।

छह नए मरीज मिले, कुल मरीजों का आंकड़ा 300 पार

जिला अस्पताल की लैब में किट आने पर चार दिन बाद बुधवार से डेंगू का एलाइजा टेस्ट शुरू हो गया। 37 रिपोर्ट मेंडेंगू के छह नए मरीज मिले। जिले में इस साल अब तक 305 मरीज मिले चुके हैं। इनके अलावा एंटीजन जांच में हर दिन 25 नए मरीज मिल रहे हैं। अब निजी अस्पतालों के अलावा जिला अस्पताल में एंटीजन किट की जांच के आधार पर डेंगू की जांच कर उपचार दिया जा रहा है। बुधवार को 25 मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले, जिनका उपचार शुरू हो गया है। 272 डेंगू पीड़ित मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों में हैं। साथ ही बुधवार को तीन वार्डो में चार दलों के 18 सदस्यों ने 75 घरों का सर्वे किया। इस दौरान सात घरों में लार्वा मिला, जिसे नष्ट कराया गया है।

डेंगू पर प्रहार अभियान में निकाली रैली

बुधवार को डेंगू पर प्रहार अभियान रैली को विधायक चेतन्य काश्यप, कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने नगर निगम परिसर से हरी झंडी दिखाकर शहर भ्रमण के लिए रवाना किया। डेंगू के विरुद्ध जनजागरूकता के लिए आयोजित रैली ने शहर में भ्रमण किया। इस दौरान निगमायुक्त सोमनाथ झारिया, सीएमएचओ डा. प्रभाकर ननावरे भी उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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