जावरा (नईदुनिया न्यूज)। सड़क हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले वर्षों में हुए हादसों के आंकड़े भयावह है। सड़क दुर्घटनाएं होने का मुख्य कारण यातायात नियमों की अवहेलना करना है। यदि वाहन चालक यातायात की सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों का पालन करेंगे तो हादसों में पर अकुंश लगेगा। यातायात नियमों का पालन करने से वाहन चलाने वाले के साथ ही दूसरों के जीवन की भी रक्षा होगी।

यह बात शहर यातायात थाना प्रभारी सोनू वाजपेयी ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता विषय पर नईदुनिया द्वारा सीएम राइज महात्मा गांधी शासकीय उत्कृष्ट उमावि में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति नियमों का पालन सख्ती से करें, तेजगति से वाहन न चलाएं, वाहनों को ओवरलोड न करें, हेलमेट व सीटबेल्ट का उपयोग जरूर करें, लाइसेंस बनवाकर ही वाहन चलाएं। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर चर्चा ने करें। प्राचार्य राजेन्द्र बोस ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में सुनील भट्ट, हिमा सोलंकी, अपारसिंह गंभीर, वर्षा तिवारी, शीला त्रिवेदी, गिरीश मुले, मुकेश गेहलोत, सीमा मेहता, जया मोदी, शीतल सोनी, रीना धाकड़, चांद मोहम्मद, शेख मोहम्मद, सुरभि गरड़िया सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। संचालन विभा जैन किया। आभार उपप्राचार्य संजय श्रीवास्तव ने माना।

उद्यमिता के माध्यम से रोजगार की असीम संभावनाएं

रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उद्यमिता के माध्यम से रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों को उद्यमिता के क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए प्राध्यापक अधिक प्रयास कर प्रेरित करें।

यह बात महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद, उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार व महाविद्यालय के आइक्यूएसी सेल के कोलेब्रशन द्वारा शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राचार्य वायके मिश्रा ने कही। एमजीएनसीआरई के चीफ प्रोग्राम को-अर्डिनेटर वी. रविंदर रेड्डी ने संस्था के एक्शन प्लान की जानकारी देते हुए वाटर, ग्रीनरी मैनेजमेंट सहित 10 मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में सेल्फ हेल्प ग्रुप में विद्यार्थियों को जोड़कर उनको स्वावलंबी बनाया जा सकता है। कार्यशाला में जिले के समस्त महाविद्यालयों के प्राध्यापकों से संवाद के माध्यम से उद्यमी संबंधी उपलब्ध संभावनाओं को देखते हुए गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूकता पर चर्चा की गई। कार्यशाला में डा. पीसी पाटीदार, डा. केआर पाटीदार, डा रियाज मंसूरी, प्रो. मुकेश इवने, प्रो. विजेंद्र सोलंकी, डा. शोभा राठौर, प्रो. हर्ष मेहसन, डा. सौरभ गुर्जर, डा. अर्जुनसिंह पंवार, डॉ. विजयेंद्र श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। संचालन कार्यशाला को-आर्डिनेटर डा संजय आटेड़िया ने किया। आभार आइक्यूएसी प्रभारी एवं कार्यक्रम संयोजक डा. भावना देशपांडे ने माना।

कृषि व्यवस्था यू-टर्न पर है

महाविद्यालय के रूसा, वर्ल्ड बैंक प्रभारी प्रो. विनोद शर्मा ने कहा कि कृषि में नई तकनीक के माध्यम से रूरल डेवलप पर फोकस करने की आवश्यकता है। आज के दौर में मल्टी वर्किंग में कमी देखने को मिलती है। लोगों को एक से अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। एक आंकड़े के मुताबिक 2005 से महिलाओं की कृषि में भूमिका कम हो गई है, इसे और अधिक बढ़ाया जा सकता है। कृषि व्यवस्था यू-टर्न पर है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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