रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना की तीसरी लहर के डर के बीच जिलों में डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। गुरुवार को भी एलाइजा टेस्ट की बीस रिपोर्ट में चार नए मरीज मिलने के बाद जिले में अब डेंगू के 309 मरीज मिल चुके हैं। जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज और निजी अस्पताओं में लगातार मरीज बढ़ रहे हैं।

रतलाम की स्थिति प्रदेश में तीसरे स्थान पर है और जिला डेंगू का हाट स्पाट बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जानकारों की मानें तो सरकारी आकड़ों से दोगुना लोग डेंगू से प्रभावित हो चुके हैं। इस बार शहर से गांव तक डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। डेंगू नियंत्रण के लिए जागरुकता अभियान के साथ फीवर सर्वे और फागिंग तेजी से चल रही है, इसके बावजूद रोज नए मरीज मिल रहे हैं।

जिले में दो ऐसे लोगों की मौत भी हो चुकी है, जिनकी एंटीजन रिपोर्ट पाजिटिव थी। सेमलिया गांव के एक 12 वर्षीय बालक की गत दिवस उज्जैन में मौत हुई थी। इस घटना के बाद सेमलिया गांव में घर-घर सर्वे शुरू हो गया है। गुरुवार को सर्वे के दौरान हर घर में लार्वा मिला, जिसे नष्ट कराया जा रहा है। छह बुखार के मरीज मिले, जिनका अलग-अलग निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। मृतक बालक के घर एवं आसपास एक भी बुखार या डेंगू का मरीज नहीं मिला है। घर में भी कोई बुखार से पीड़ित नहीं है।

जिला मलेरिया अधिकारी डा. प्रमोद प्रजापति ने बताया कि सेमलिया में 480 घर और 4950 की आबादी है। यहां पानी की नल जल सप्लाई नहीं है। लोग टंकियों में पानी भर कई दिन तक रखते हैं। इस कारण हर घर में लार्वा मिल रहा है। बालक की मौत के बाद लोगों में गुस्सा था। तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में सबको समझाया गया तब मामला शांत हुआ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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