रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ताल थाना क्षेत्र के ग्राम पंथ पिपलौदा में वृद्ध किसान की मौत का मामला हत्या का निकला। हत्या उनके ही करीब साढ़े सत्रह वर्षीय पोते ने जमीन विवाद के चलते गमछे से गला घोंटकर की थी तथा उनकी मौत को सामान्य रूप दिया था, लेकिन उसकी चाल ज्यादा समय तक कामयाब नहीं हो पाई तथा अंतिम संस्कार के दौरान चिता पर लेटाते समय स्वजन को मृतक के गले में फांसी जैसा निशान दिखने पर हत्या का राज उजागर हो गया। पुलिस ने हत्या व सबूत छिपाने का प्रकरण दर्ज कर बाल अपचारी पोते को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार 60 वर्षीय अंबाराम कुमावत पुत्र भेराजी कुमावत निवासी पंथ पिपलौदा के पास 16 बीघा मीन थी। उनके एकमात्र पुत्र का कुछ समय निधन हो चुका है। उनकी दो पुत्री है। वे अपने हिस्से की चार बीघा जमीन बेच रहे थे, जबकि पोते ने जमीन बेचने से मना किया था। इसके बाद भी वे नहीं माने तथा एक माह पहले अपने हिस्से की चार बीघा जमीन बेच दी। इसे लेकर पोता नाराज हो गया। 26 व 27 अप्रैल की दरमियानी रात अंबाराम अपने कमरे में सो रहे थे, तब पोते ने वहां पहुंचकर गमछे से उनका गला घोंट दिया था। इससे उनकी मौत हो गई। सुबह वह दादा के कमरे में पहुंचा और फिर बाहर आकर स्वजन को बताया कि दादा नहीं उठ रहे हैं, उनका निधन हो गया है। स्वजन यह सुनकर गम करने लगे और सामान्य मौत मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए।

मुक्तिधाम से शव अस्पताल भिजवाकर कराया था पोस्टमाटर्म

स्वजन व रिश्तेदार अम्बाराम के दाह संस्कार के लिए अंतिम यात्रा गांव के मुक्तिधाम ले गए। जब शव चिता पर लेटाया जा रहा था, तब किसी रिश्तेदार को अंबाराम के गले पर फांसी लगाने जैसा निशान दिखा तथा वह स्थान काला-सा हो गया था। उसने अन्य लोगों को बताया। फांसी की शंका होने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मुक्तिधाम पहुंचकर शव की जांच कर उसे अस्पताल भेजकर पोस्टमार्टम कराया था।

शेष जमीन में चार हिस्से करने वाले थे

एसपी गौरव तिवारी के निर्देशन, एएसपी (ग्रामीण) सुनील पाटीदार व आलोट एसडीओपी प्रियंका डुडवे के मार्गदर्शन में ताल थाना प्रभारी अमित सारस्वत व उनकी टीम ने जांच की तो मामला हत्या का निकला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उनकी मौत गला दबाने से होना बताया गया। पुलिस ने स्वजन व रिश्तेदारों के बयान लिए तो उन्होंने पोते पर ही हत्या का आरोप लगाया। पोते को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या करना कबूल किया। पोता चाहता था कि 16 बीघा जमीन में से चार हिस्से करे। अम्बाराम अपने हिस्से की चार बीघा जमीन बेच चुके थे। शेष 12 बीघा में से भी चार हिस्से करने का कह रहे थे, जो पोते को रास नहीं आया तथा उसने यह कदम उठा लिया। आरोपित पोते को मंगलवार को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेषण गृह भेज दिया गया।

स्थायीकर्मी मनोज राठौर सेवा से बर्खास्त

रतलाम। निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया ने निगम के लोक निर्माण विभाग में कार्यरत स्थायीकर्मी मनोज-नंदकिशोर राठौर द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर की श्रमिक डायरी को अन्य समयपाल की टेबल से उठाने व एक माह बाद बिना जांच के वापस रखने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया। राठौर द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर की चार श्रमिक डायरी को अन्य समयपाल की टेबल से उठा लेने तथा एक माह पश्चात बिना जांच के वापस रख दिया गयास जबकि उक्त कार्य स्थायीकर्मी समयपाल राजेश सोलंकी व उपयंत्री राजेश पाटीदार के वार्ड क्षेत्र का है। पूर्व में भी राठौर द्वारा इस प्रकार की त्रुटि की जा चुकी है। इस संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण चाहा गया था, लेकिन राठौर द्वारा उत्तर नहीं दिए जाने पर सेवा से बर्खास्त किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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