रतलाम। जिले में कोरोना की दूसरी लहर का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अप्रैल से ज्यादा मई घातक होता जा रहा है। इसमें लगातार पाजिटिव केस बढ़ते जा रहे हैं और मौत का आंकड़ा भी नहीं थम रहा है। अप्रैल माह की शुरुआत के तीन दिनों पर मई का पहला दिन ही भारी पड़ रहा है। अप्रैल के प्रथम तीन दिन में 241 नए पाजिटिव केस सामने आए थे, वहीं 204 मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया था। पांच मौत हुई थी। मई के प्रथम तीन दिन में 925 नए संक्रमित सामने आए हैं और 928 मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया है। 11 मौत हुई है। इसमें केवल राहत वाली बात यह है कि मई के तीन दिनों में संक्रमितों से ज्यादा स्वस्थ हुए हैं। जबकि अप्रैल में संक्रमित ज्यादा व स्वस्थ कम थे।

जिले में हर दिन नए संक्रमितों के साथ मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। 22 से 30 अप्रैल के नौ दिनों में हर दिन 200 से अधिक पाजिटिव के सामने आए हैं, वहीं बीते तीन दिनों से लगातार 300 से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। एक्टिव केस की संख्या भी तीन गुना बढ़ गई है। अप्रैल में जहां 600 से 700 एक्टिव मरीज थे, वहीं अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1800 से 1900 तक पहुंच गई है। हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए हैं। इससे शासन-प्रशासन के साथ आमजन चिंतित है। हर तरफ भय का माहौल बना हुआ है। जरूरी दवाओं, इंजेक्शन के साथ आक्सीजन की कमी से हर दिन मरीजों के स्वजनों और जिम्मेदारों की सांसें ऊपर-नीचे हो रही हैं। हालांकि हर स्तर पर मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के आगे सभी इंतजाम फेल हो रहे हैं।

गुहार लगाने के बाद भी नहीं मिल रहे बेड

शासकीय मेडिकल कालेज के साथ शहर के सभी निजी अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं। कहीं भी नए मरीजों को रखने की जगह नहीं है और लगातार गंभीर मरीजों के आने का सिलसिला बना हुआ है। मरीजों के स्वजन अस्पतालों के चक्कर काट-काटकर परेशान हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों तक गुहार लगाई जा रही है, लेकिन इंतजाम नहीं हो पा रहे हैं। मेडिकल कालेज में जैसे-तैसे इंतजाम कर गंभीर मरीजों को बेड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके बाद भी मेडिकल कालेज के बाहर कई मरीज वाहनों में जीवन और मौत के बीच संघर्ष करते हुए बेड मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

जरूरी दवाइयों का टोटा बरकरार

कोविड-19 के उपचार में काम आने वाली सभी प्रकार की जरूरी दवाइयों और इंजेक्शन का टोटा बना हुआ है। मुंह मांगी कीमत चुकाने के बाद भी गंभीर मरीजों के स्वजनों को पर्याप्त दवा और इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। इससे कई बार केमिस्ट व्यवसायियों व मरीज के स्वजन के बीच बहस भी हो रही है। केमिस्ट व्यवसायियों का कहना है कि दवाओं के होलसेल स्टाकिस्ट के पास ही आगे से पर्याप्त दवाइयां-इंजेक्शन नहीं आ रहे हैं। इससे मरीजों की संख्या के मान से पूर्ति नहीं हो रही है। स्थिति एक अनार और सौ बीमार जैसी हो गई है। लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

मई 2021 के तीन दिन की स्थिति

तारीख मरीज मिले स्वस्थ हुए मौत एक्टिव मरीज

01 मई 325 306 05 1815

02 मई 345 293 01 1866

03 मई 355 329 05 1887

अप्रैल 2021 के तीन दिन की स्थिति

तारीख मरीज मिले स्वस्थ हुए मौत एक्टिव मरीज

01 अप्रैल 85 83 02 650

02 अप्रैल 79 59 01 669

03 अप्रैल 77 62 02 682

कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। स्वस्थ व सुरक्षित रहना है तो एक मास्क अनेक जिंदगी बचा सकता है। मास्क ऐसे पहने कि मुंह व नाक पूरी तरह से ढंके रहे। कोशिश करें कि सिंगल यूज मास्क को दोबारा न पहनें।

- सुजानमल जैन, मार्गदर्शक, व्यापारिक संगठन धराड़

इस वैश्विक महामारी के समय अत्यंत सावधानी से रहने की जरूरत है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सभी नागरिकों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनना चाहिए। साथ ही एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखें। टीका लगवाएं व स्वयं के साथ अपने परिवार का ध्यान रखें। सर्दी, खांसी या बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह से इलाज करवाएं।

- बबलू जादव, मावा व्यवसायी, प्रीतमनगर

यह दौर महामारी का है। इस घातक दौर में सभी को समझदारी दिखानी होगी। आत्मविश्वास बनाए रखें। आवश्यक सावधानियां व प्रोटोकाल का पालन करने से ही महामारी से बचा जा सकतार है। घबराएं नहीं। जरूरतमंद को जितनी भी आपकी हद में है मदद कीजिए। यह दौर भी गुजर जाएगा विश्वास रखिये।

- दीपक पाटीदार, युवा किसान, प्रीतमनगर

कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार ने जो नई गाइड-लाइन जारी की है, उसका कड़ाई से पालन करवाना चाहिए। कोरोना की रफ्तार इतनी ज्यादा है कि घर के अंदर भी संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए मास्क लगाना जरूरी हो गया है। सावधानी ही सुरक्षा है।

- दिलीप हेमावत, समाजसेवी, पीपली बाजार, जावरा

कोरोना महामारी व लाकडाउन के चलते सभी काफी परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। वर्तमान में संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है, अतः सावधानी बहुत जरूरी है। हमें अपनी चिंता खुद भी करनी होगी। लाकडाउन के दौरान घर पर ही रहें और यदि बाहर जाना भी पड़े तो डबल मास्क पहनकर निकलें।

- इशिता रांका, छात्रा, खारीवाल मोहल्ला जावरा

लाकडाउन और फिर कोरोना कर्फ्यू लगे हुए 25 दिन बीत गए हैं, लेकिन तमाम पाबंदियों के बावजूद लोग बाजार में अनावश्यक घूम रहे हैं। इससे संक्रमण की रफ्तार नहीं थम रही है। कुछ लोग इलाज व अन्य आवश्यक कार्य से आ रहे, लेकिन ज्यादातर ऐसे हैं, जिन्हें कोई काम नहीं है। कोरोना से बचने के लिए वैक्सीन लगवाएं। इम्युनिटी मजबूत करने के लिए प्रतिदिन योग प्राणायाम करें।

-अशोक सेठिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, चौपाटी जावरा

Posted By: Nai Dunia News Network

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