रतलाम/जावरा, Illegal liquor in MP। ग्राम सोहनगढ़ स्थित खेत से नकली शराब बनाने की फैक्ट्री के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने पूछताछ में पुलिस को कई खुलासे किए है। पूछताछ में एक आरोपित ने बताया कि चार-पांच माह पहले शराब बनाने की फैक्ट्री लगाने की योजना राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष आरोपित जीवनसिंह निवासी ग्राम शेरपुर, रंजीतसिंह उर्फ टम्मा, जितेंद्रसिंह तथा देवास के तीन भाइयों शादाब, सादिक व जावेद ने जावरा के पास स्थित राजवाड़ी ढाबे पर बनाई थी। सोहनगढ़ में आरोपित सुरेश पाटीदार के खेत में फैक्ट्री शुरू की गई तथा वहां शराब नकली बनाकर प्रदेश के कई जिलों के अलावा राजस्थान व गुजरात भी सप्लाय की जाती थी।

एसपी गौरव तिवारी ने सोमवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि रविवार को मुखबिर ने बताया था कि सोहनगढ़ के आंबाखारी-बड़ायला चौरासी मार्ग पर 34 वर्षीय सुरेश पाटीदार पुत्र प्रभुलाल पाटीदार निवासी ग्राम सोहनगढ़ के खेत पर बने मकान पर नकली शराब बनाने की फैक्ट्री है, जहां कुछ लोग नकली शराब बनाकर बेचते है। औद्योगिक क्षेत्र जावरा थाना प्रभारी जनकसिंह रावत के नेतृत्व में दल दबिश देने पहुंचा तो मकान के बाहर खड़ा आरोपित अनोखीलाल पाटीदार ड्रम में भरा तरल प्रदार्थ जमीन पर ढोलकर भाग गया। वहां से तीन अन्य आरोपित 22 वर्षीय मोइन खां पुत्र रईस खां निवासी ग्राम उमठपालिया, 55 वर्षीय प्रभुलाल पाटीदार पुत्र चीमनलाल पाटीदार निवासी ग्राम सोहनगढ़ व उसके बेटे सुरेश को पकड़ा गया। मौके से 60 लीटर देशी शराब, यूरिया खाद, नौशादर, ओपी (स्प्रीट), ड्रम, टंकियां, 480 खाली क्वार्टर, बगैर ढक्कन व लेबल के 8640 क्वार्टर, होलोग्राम, दो वाहन तथा शराब बनाने के उपकरण जब्त किए गए।

ढाबे पर बनाई थी फैक्ट्री की योजना

मोइन ने पूछताछ में बताया कि चार-पांच माह पहले रंजीतसिंह उर्फ टम्मा निवासी ग्राम नयापुरा रतलाम के राजवाड़ी ढाबे पर जीवनसिंह निवासी ग्राम शेरपुर (पिपलौदा) व रंजीतसिंह ने उससे कहा था कि लाकडाउन में शराब बनाने की फैक्ट्री लगाने से बहुत फायदा होगा। जीवनसिंह पहले से मोईन के मामू शादाब पुत्र शब्बीर खान निवासी देवास व शादाब के भाइयों सादिक व जावेद को जानता था। तीनों भाई सात-आठ वर्ष से अवैध शराब का काम कर रहे हैं। उनका कार्य इंदौर, मंदसौर, धार, देवास, उज्जैन व आसपास के राज्यों में भी फैला है तथा वे राजस्थान व गुजरात में भी शराब सप्लाय करते है। जीवनसिंह के कहने पर मोइन ने अपने मामुओं से बात की तथा एक दिन शादाब, सादिक व जावेद को ढाबे पर बुलाया, जहां जीवनसिंह शेरपुर, रंजीतसिंह उर्फ टम्मा, जितेंद्रसिंह निवासी ग्राम सुजापुर आदि मिले थे। सभी ने मिलकर शराब फेक्ट्री लगाने की योजना बनाई थी।

एक लाख रुपये किराये पर लिया था मकान

शादाब, सादिक व जावेद ने शराब बनाने का सभी सामान ओपी स्प्रीट, होलोग्राम, स्टीकर, ढक्कन तथा मशीन, खाली क्वार्टर उपलब्ध कराने का कहा था। मोइन ने परिचित अनोखीलाल पाटीदार निवासी ग्राम सोहनगढ़ से फैक्ट्री लगाने के लिए जगह तलाशने का कहा। अनोखीलाल ने परिचित सुरेश पाटीदार से उसके खेत पर बने मकान में एक लाख रुपये माह किराये पर फैक्ट्री लगाने की बात की। इसके बाद वहां फैक्ट्री शुरू की। शराब बनाने के लिए वहां खारवाकला के सात-आठ लोगों को रखा था। शराब बनाकर वह जीवनसिंह, रंजीतसिंह, नरेन्द्रसिंह निवासी ग्राम कमालिया थाना नारायणगढ़ (मंदसौर), जितेंद्रसिंह को देता था। जीवनसिंह, रणजीतसिंह, अनोखीलाल, शादाब, सादिक व जावेद की तलाश में शाजापुर, इंदौर, राजस्थान व गुजरात टीमें भेजी गई है।

Posted By: Prashant Pandey

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