रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भाजपा सांसद व विधायक का घेराव करने व पथराव की घटना को लेकर शासकीय कार्य में बाधा व एससीएसटी एक्ट के तहत जेल में बंद जयस नेता डा. अभय ओहरी को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए है। इससे पहले आरटीआइ एक्टिविस्ट डा. आनंद राय को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी।

उल्लेखनीय है कि जनजातीय गौरव दिवस पर 15 नवंबर 2022 को बिलपांक थाना क्षेत्र के ग्राम बड़छापरा में आयोजित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल होकर रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट के सांसद गुमानसिंह डामोर व रतलाम ग्रामीण विधानसभा सीट के विधायक दिलीप मकवाना रतलाम लौट रहे थे। तभी ग्राम धराड़ में जयस कार्यकर्ताओं ने सांसद व विधायक के काफिले के सामने आकर रतलाम में निवेश क्षेत्र का विरोध करते हुए घेराव कर दिया था। करीब 20 मिनट तक घेराव व नारेबाजी चली थी।

इस दौरान झूमाझटकी की स्थिति बनी थी व कुछ लोगों ने पत्थर-बोतल फेंकी थी। कलेक्टर के गनमैन संदीप चंदेल को चोट आई थी। पुलिस ने जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन ने प्रदेश संरक्षक डा. अभय ओहरी, आरटीआइ एक्टिविस्ट डा. आनंद राय, अनिल निनामा, विलेष खराड़ी व गोपाल वाघेला सहित करीब 50 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। डा. ओहरी, डा. राय, अनिल, विलेश व गोपाल को गिरफ्तार कर लिया था। पांचों को दूसरे दिन न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से जेल भेज दिया गया था। बाद में तीन ओर कार्यकर्ताओ को भी गिरफ्तार जेल भेज दिया गया था।

स्थानीय अदालत ने खारिज कर दी थी याचिका

स्थानीय न्यायालय से आरोपितों को जमानत नहीं मिली थी। इसके बाद आरोपितों की तरफ से हाई कोर्ट इंदौर खंडपीठ में जमानत याचिका लगाई गई थी। वहां से भी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई थी। बाद में डा. आनंद राय ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। डा. राय दो सप्ताह पहले जमानत पर रिहा हुवे है।

डा ओहरी की तरफ से उनके अभिभाषक उदयचंद्र कसेडिया ने हाईकोर्ट इंदौर में दोबारा जमानत के लिए आवेदन पेश था। अभिभाषक कसेडिया ने बताया कि हाईकोर्ट ने बुधवार को डा अभय ओहरी को 50 हजार रुपये की जमानत और इतनी ही राशि के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। स्थानीय न्यायालय में उनकी तरफ से जमानत पेश की जाएगी।

Posted By: Navodit Saktawat

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