रतलाम(नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजस्थान में फैला लंपी वायरस अब जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पशुओं को प्रभावित कर रहा है। गायों व अन्य पशुओं में तेजी से फैलने वाले इस वायरस को लेकर पशु चिकित्सा विभाग भी अलर्ट है। विभागीय अमले ने प्रभावित क्षेत्रों में गायों की जांच, सैंपल लेने की कार्रवाई शुरू की है। इसके साथ ही पीड़ित गायों का दूध न निकालने व अलग रखने की भी समझाइश दी जा रही है।

मालूम हो कि शहर से लगे ग्राम सेमलिया, बरबोदना सहित अन्य गांवों में लंपी वायरस के मामले आए हैं। यहां संक्रमण के चलते गायों के शरीर पर छोटी-छोटी गठानें व होकर घाव उभर आए हैं। इससे पशुपालक भी चिंतित हैं। अचानक फैली बीमारी से गांवों में गाय व अन्य पशुओं को अलग रखने की मशक्कत भी करना पड़ रही है।

सात दिन तक पता नहीं चलता संक्रमण का

लंपी वायरस के फैलने का पता सात दिन बाद ही चल पाता है। संक्रमित होने के बाद गाय बीमार हो जाती है और बाद में गिठाने होने से उनमें से पानी, पस निकलने लगता है। इस पर मक्खी आदि बैठने से यह वायरस अन्य पशुओं में फैलने लगता है। पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डा. एमके शर्मा ने बताया कि विभागीय स्तर पर अलर्ट किया गया है। पशुपालक कुछ दिनों के लिए पशुओं को अलग रखें और बीमारी के लक्षण मिलने पर उपचार करवाएं। विभागीय स्तर पर भी सैंपलिंग कर उपचार दिया जाएगा। उपचार मिलने पर 15 दिन में संक्रमित पशु स्वस्थ हो जाता है। मनुष्यों में इस वायरस के फैलने की कोई संभावना नहीं है।

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