रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रतलाम जिले के सुराना गांव में हिंदुओं की ओर से मुस्लिम समुदाय द्वारा परेशान करने और इससे मजबूर होकर गांव से पलायन करने की शि‍कायत के बाद बुधवार को जिला प्रशासन में हड़कंप रहा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने रतलाम कलेक्टर पुरुषोत्तम अग्रवाल और एसपी गौरव तिवारी से बात कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर व एसपी सुबह 11:15 बजे ताबड़तोड़ गांव सुराना पहुंचे और चौपाल लगाकर करीब दो घंटे तक दोनों पक्षों से बातचीत की। कलेक्टर ने एक माह में मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया, लेकिन हिंदू समुदाय के लोगों ने प्रशासन से स्पष्ट कहा कि - 'तब तक तो हमारी हत्या हो जाएगी। इसके बाद शाम करीब पांच बजे प्रशासन के अमले ने गांव में अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों की नपती की और उन्हें तोड़ दिया।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले पर कहा कि रतलाम जि‍ला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि किसी भी सूरत में अमन चैन को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। वहां अस्थाई पुलिस चौकी खोली जा रही है। असामाजिक और आदतन बदमाशों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रभारी मंत्री से भी क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

सुरक्षा व समाधान के लिए यह इंतजाम

कलेक्टर ने दोनों वर्गों के दो-दो लोगों की एक कमेटी गठित की है, जो समाधान के लिए काम करेगी। इसमें एसडीएम व एसडीओपी भी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने हालात सामान्य होने तक गांव में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की है। चौकी पर एक एसआइ, एक एएसआइ व दस पुलिस जवान राउंंड द क्लाक तैनात रहेंगे।

अतिक्रमण है तो हटा दिया जाए

चौपाल में मुस्लिम समाज के अय्यूब शाह, उस्मान अली, यूसुफ खान, शहजाद अली ने भी अपनी बात रखी। इन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में जो भी गलत करता है, उन पर कार्रवाई की जाए। यदि गांव में दोनों पक्षों में से जिस किसी ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, अतिक्रमण कर मकान बनाया है, तो समान रूप से कार्रवाई करते हुए कब्जे को हटा दिया जाए।

चौपाल पर छलका दर्द, रोने लगे बुजुर्ग

सुबह लगी चौपाल में प्रशासन के सामने हिंदुओं का दर्द छलक पड़ा। एसपी गौरव तिवारी पर हिंदू परिवार खासे नाराज हुए। गांव के पूर्व पटेल 55 वर्षीय ओमप्रकाश जाट ने कहा कि हम मुस्लिम समुदाय की ओर से दी जाने वाली प्रताड़ना के छोटे-छोटे मामलों को नजरअंदाज करते रहे, लेकिन अब रहना मुश्किल हो गया है। वे पीड़ा बताते-बताते पुलिस के लचर रवैये से आहत होकर रो दिए।

शिकायतकर्ता मुकेश जाट ने कहा कि गांव में मुस्लिम समाज के लोग अवैध खनन, सट्टा, जुआ सहित अन्य अवैध काम कर रहे हैं, लेकिन पुलिस हिंदुओं की जांच कराकर रासुका लगाने व जिलाबदर करने जैसी धमकी दे रही है। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई, तो परिवार की रक्षा के लिए गांव छोड़कर पलायन करने का निर्णय लेना पड़ा। पिछले दो साल में जब भी पुलिस को अवगत कराया तो कार्रवाई के नाम पर हिंदू वर्ग को ही निशाना बनाया गया।

किस पक्ष ने क्या कहा

- हिंदुओं ने कहा : मुस्लिम समुदाय द्वारा गांव में शासकीय जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। पुराने मंदिर पर यज्ञ, हवन आयोजन के दौरान विघ्न डाला जाता है। इसके चलते गांव के दूसरे हिस्से में नया मंदिर बनाना पड़ा। अवैध रूप से पेड़ों की कटाई, नदी से रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। साल भर पहले शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।

- मुस्लिमों ने कहा : हम गांव में शांति चाहते हैं। गलत करने वालों पर प्रशासन समान रूप से कार्रवाई करे। पलायन की बात करना गलत है।

- एसपी की सफाई : सालभर में जितने भी मामले हुए, उनमें पुलिस ने तात्कालिक तौर पर एफआइआर की। जांच में दोषियों पर ही कार्रवाई हुई है। मंगलवार को जो बात ग्रामीणों से कही थी, इसका अर्थ यह था कि कानून हाथ में न लें। पुलिस को अवगत करवाएं। हमारी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।

कलेक्टर का आश्वासन-जो गुंडे हैं, वो अपने को कितना भी मजबूत बताएं, लेकिन कार्रवाई होगी। तीन से अधिक प्रकरण दर्ज होने पर जिलाबदर की कार्रवाई भी की जाएगी। गांव में जो भी अवैध निर्माण हैं, वे सब हटाए जाएंगे। सुरक्षा के नाम पर कोई भी पलायन करता है तो यह प्रशासन व पुलिस की विफलता मानी जाएगी। किसी को पलायन नहीं करने दिया जाएगा।

Posted By: Prashant Pandey

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