रतलाम। माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में श्रृंगार व सजावट की तैयारियां तो शुरू हो गई हैं, लेकिन इस बार भक्तों द्वारा दी जाने वाली सामग्री, नगदी में कमी आई है। जो भक्त राशि दे रहे हैं, वह 50 हजार से कम ही है, जबकि पिछली बार 42 लोगों ने 50 हजार से अधिक की राशि मंदिर में दी थी। पांच दिवसीय दीप पर्व पर मंदिर की सजावट इस बार प्रशासन की निगरानी में होगी। मंदिर में राशि आने का सिलसिला शुरू हुआ है, लेकिन धीमी गति से। एक हजार से लेकर 21 व 31 हजार रुपए तक की राशि दी गई। इंदौर व झाबुआ के भक्त मंदिर में 1.79 लाख रुपए देकर चले गए हैं। शनिवार को भी करीब 15 लोगों ने नगदी जमा कराई।

रुपए तो नहीं बढ़े लेकिन आस्था बनी हुई है

शहर के न्यू रेलवे कॉलोनी में रहने वाली ओमप्रकाश गुर्जर व हेमलता गुर्जर दो साल से मंदिर में नगदी जमा करते आ रहे हैं। तीसरी बार भी शनिवार को एक हजार रुपए सजावट के लिए दिए। इनका कहना था कि घर में सुख-समृद्धि की कामना को लेकर राशि देते हैं।

इंद्रलोक नगर में रहने वाल बुजुर्ग सत्यनारायण अरोरा ने 10 रुपए की एक गड्डी दी। इनका कहना था कि रुपए तो नहीं बढ़े लेकिन मन को शांति मिलती है। इस बहाने महालक्ष्मी की शरण में आने का मौका मिल जाता है। हर बार राशि देकर जाते हैं। रामगढ़ की सुशीलाबाई व सुशीला सोलंकी दोनों पड़ोसी है। वह भी मंदिर में एक हजार व 20-20 के नोट की गड्डी में दो हजार रुपए दिए।

नोट गिनने की मशीन दे गया भक्त

प्रशासन की तरफ से मंदिर में आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। गर्भगृह से लेकर परिसर व मंदिर के बाहर भी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी डीवीआर माणकचौक पुलिस थाना में रहेगी। जहां पुलिस अधिकारी लगातार देखते रहेंगे। इसके अलावा शनिवार को एक भक्त नगदी राशि जमा कराने के साथ नोट गिनने की मशीन भी देकर गया है। शनिवार को 96500 रुपए मंदिर की सजावट के लिए आए। इसके पहले मंदिर में 1.99 लाख रुपए आ चुके हैं। प्रशासन भी प्रतिदिन मंदिर में नोटों की जानकारी मंदिर के पुजारी से ले रहा है।

Posted By: Sandeep Chourey