रतलाम। Rail Madad App रेल सफर के दौरान यात्रियों द्वारा समस्या या असुविधा पर किए जाने वाले ट्वीट पर सुनवाई के लिए रेलवे ने प्रक्रिया में बदलाव किया है। रेलमंत्री या डीआरएम आईडी पर किसी शिकायत का ट्वीट आते ही यात्री का मोबाइल नंबर मांगकर रेल मदद ऐप पर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विभाग को तय समय में इस पर कार्रवाई करनी होगी। यात्री अपनी शिकायत के निदान की प्रक्रिया को रेल मदद ऐप पर देख भी सकेंगे। रेल मंत्रालय द्वारा इस प्रणाली में बदलाव करने पर ट्वीट के मैसेज को विभागों में फॉरवर्ड करने की जरूरत नहीं रहेगी और यात्रियों की समस्या का निराकरण जल्द हो सकेगा।

मालूम हो कि ट्वीट पर शिकायत की प्रणाली को तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने शुरू किया था। इसके बाद से चलती ट्रेन में समस्या होने पर यात्री ट्वीट कर सकते हैं। इस व्यवस्था में बदलाव के बाद ट्वीट आने पर डीआरएमम ऑफिस शिकायत सेल द्वारा यात्री से मोबाइल नंबर लेकर शिकायत रेल मदद में रजिस्टर की जा रही है। यहां से संबंधित विभाग को स्वत: फॉरवर्ड होने के बाद तुरंत ही समस्या का निदान किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर किसी यात्री ने कोच में पानी नहीं होने का ट्वीट किया। रेल मदद पर रजिस्टर होने के बाद यह शिकायत मैकेनिकल विभाग को फॉरवर्ड हो जाएगी। वहां से तय सीमा में निदान करना निर्धारित रहेगा।

निराकरण के लिए अधिकतम समय 30 मिनट

नई व्यवस्था में अलग-अलग शिकायतों के निदान का पृथक समय तय किया गया है। अधिकतम समय 30 मिनट निर्धारित किया गया है। इस अवधि में भी यात्री की समस्या दूर नहीं हुई तो संबंधित विभाग के अधिकारी या कर्मचारी से पूछताछ या कार्रवाई के प्रावधान तय किए हैं। हालांकि रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि शिकायत के बाद संबंधित यात्री को अपना मोबाइल नंबर रेल मदद पर दर्ज करना जरुरी है। इसके अभाव में शिकायत का निदान मुश्किल रहता है।

जनवरी 2020 से ट्वीट प्रणाली में बदलाव किया गया है। इससे यात्रियों को शिकायत करने तथा निदान में सुविधा मिलने लगी है। - जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी रेल मंडल रतलाम

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