जावरा (नईदुनिया न्यूज)। जो व्यक्ति संत की वाणी से सुधर जाए, उन्हें सिपाहियों के लातों की जरूरत नहीं पड़ती। संत और सैनिक दोनों देश के लिए सोचते हैं। सिपाही तन के अपराध को और संत मन के अपराध को रोकते है। मन से अपराध समाप्त हो जाए, तो तन का अपराध स्वतः समाप्त हो जाता है। प्राणी मात्र में बिखराव है। हमने धर्मों को आपस में बांट लिया। कोई राम-राम, तो कोई जय जिनेंद्र, कोई सतश्री अकाल, तो कोई सलाम वालेकुम बोल रहा है जबकि हमें एक-दूसरे से पहले जय भारत और बाद में यह बोलना चाहिए।

यह बात राष्ट्रसंतश्री प्रमुखसागरजी ने कही। वे शनिवार को 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल मुख्यालय के परेड मैदान में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि संत और जवान मिलकर देश में बहुत क्रांति कर सकते है। पृथ्वी पर दो माताएं है, एक जन्म देने वाली मां और दूसरी धरती मां। मां के प्रति बेटे का बहुत ज्यादा कर्तव्य है लेकिन उससे भी कहीं ज्यादा धरती मां के प्रति जवानों को रहता है। इन्हीं जवानों के बूते पर देश में तिरंगा फहरा रहा है। जब देश और प्रदेश में सिविल पुलिस कानून व्यवस्था नहीं संभाल पाती, तब बटालियन के जवान कानून व्यवस्था संभालते है। जिस प्रकार गाड़ी में स्टेपनी का महत्व होता है, उसी प्रकार पुलिस में एसएएफ का महत्व स्टेपनी के समान है। इसलिए मेरे मत के अनुसार एसएएफ का जवान जनरेटर, इनवर्टर और एटीएम है क्योंकि यदि लाइट में हो तो इनवर्टर और जनरेटर का महत्व है, उसी प्रकार यदि पॉकेट में पैसा नहीं है, तो एटीएम का बहुत महत्व है।

24 घंटों में एक घंटे हर व्यक्ति को अच्छा काम करना चाहिए

राष्ट्रसंत ने कहा कि संत यदि गलतियां करते है, तो जेल जाते है और यदि पुलिस जवान गलती करता है, तो कानून की निगाह में वह भी सजा का भागी होता है। यदि जवान से कोई गलती होती है, तो लोगों का विश्वास पुलिस से उठ जाता है। इसलिए मेरा पुलिस जवानों से आव्हान है कि वह ऐसा कोई काम ना करे, जिससे समाज में पुलिस के प्रति गलत अवधारणा उत्पन्ना हो। देश में महिला सुरक्षा की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि आज पुलिस में महिलाओं की भागीदारी भी बहुत बड़ी बात है।

बटालियन परिवार ने लिया आचार्यश्री से आशीर्वाद

साध्वीश्री परीक्षाश्रीजी ने मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत की। बटालियन की उपसेनानी एम अजनार, सहायक सेनानी शक्तिसिंह चौहान, निरीक्षक रामरतन गोरे, उपनिरीक्षक विपिन रावत, सहायक उपनिरीक्षक लक्ष्मीनारायण गोयल, धीरेंद्रप्रताप सिंह, मदनलाल गुर्जर, प्रधान आरक्षक शंभुसिंह डामर के साथ बटालियन के जवानों ने संतश्री को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। राष्ट्रसंत ने सभी को मोती की माला, प्रतीक चिन्ह एवं धार्मिक पुस्तकें प्रदान कर सम्मानित किया। इस मौके पर पुष्प योग समिति के विजय औरा, रितेश जैन, राजेश भाचावत, संजय गोधा, नरेंद्र गोधा, दिलीप मादावत, जितेंद्र डोशी, अजय डोशी ने बटालियन परिवार के सदस्यों का केसरिया पगड़ी पहनाकर सम्मान किया। संचालन विजय औरा ने किया। आभार रितेश जैन ने माना।

Posted By: Nai Dunia News Network

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