जावरा। (नईदुनिया न्यूज)। न्यायालय परिसर में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। नौ खंडपीठों के माध्यम से आपसी समझौते के आधार पर 3147 में से 489 प्रकरणों का निराकरण हुआ। मोटर व्हीकल एक्ट क्लेम के 386 प्रकरण निराकरण के रखे गए थे, इसमें से 22 प्रकरणों का समझौते के आधार पर निराकरण हुआ। संबंधितों को एक करोड़ एक लाख 85 हजार रुपए के अवार्ड पारित किए गए। लोक अदालत में समझौते के आधार पर प्रकरणों का निराकरण होने से 645 लोग लाभान्वित हुए । न्यायालय परिसर में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 3147 प्रकरण आपसी समझौते के आधार पर निराकरण करने के लिए रखे गए थे। इसमें से 489 प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण हुआ।

उक्त आयोजन में खंडपीठ पीठासीन अधिकारी प्रथम जिला न्यायाधीश रूपेश शर्मा, द्वितीय जिला न्यायाधीश रविप्रकाश जैन, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उषा तिवारी, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश अरविंद कुमार बारला, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश सूर्यपालसिंह राठौड़, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश प्रगति मित्रा, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश हर्षिता पिपरेवाल, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश रोहित शर्मा के न्यायालय की खंडपीठों पर समझौते के आधार पर प्रकरणों का निराकरण हुआ।

चेक बाउंस के 19 प्रकरणों में 18 लाख रुपये से ज्यादा जमा

चेक बाउंस के 374 में से 19 का निराकरण हुआ। संबंधितों ने 18 लाख 72 हजार 551 रुपये जमा कराए। बैंक बकाया राशि के 1127 प्रकरण रखे गए थे। इसमें से 29 का निराकरण हुआ। संबंधितों ने 10 लाख 38 हजार 200 रुपये जमा कराए। जलकर के 322 में से 193 प्रकरणों का निराकरण हुआ। संबंधितों ने सात लाख 27 हजार 504 रुपये जमा कराए। 123 आपराधिक प्रकरण में से आठ का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण हुआ। सिविल के 302 प्रकरण रखे गए। इसमें से पांच का निराकरण हुआ। संबंधित ने तीन लाख रुपये जमा कराए। पति-पत्नी विवाद के 36 प्रकरणों में से 11 का निराकरण हुआ। अन्य प्रकरण 209 में से 24 का निराकरण हुआ। वहीं प्री-लिटिगेशन के अन्य प्रकरणों में छह को लोक अदालत में रखा गया था। सभी का समझौते के आधार पर निराकरण हुआ। संबंधितों ने 13 हजार 700 रुपये की राशि जमा कराई।

विद्युत कंपनी के 169 प्रकरणों का निराकरण

इधर, विद्युत कंपनी के न्यायालय में प्री-लिटिगेशन व लिटिगेशन के 169 प्रकरण रखे गए थे। इसमें से 169 प्रकरणों का निराकरण हुआ। संबंधितों से नौ लाख 56 हजार 996 रुपये का समायोजन हुआ। न्यायालय में लंबित बिजली चोरी के 90 में से 21 प्रकरणों का निराकरण हुआ। संबंधितों ने तीन लाख 10 हजार 236 रुपए का समायोजन हुआ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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