सैलाना। सैलाना से सेमलिया तीर्थ के छरि पालित संघ महोत्सव के पहले गुरुवार को नगर में प्रभावी वरघोड़ा निकाला गया। मालव भूषण आचार्य नवरत्न सागर सूरीश्वर जी के शिष्य रत्न विश्व रत्न सागर सूरीश्वर जी की निश्रा में साध्वी सौम्य दशा श्रीजी के प्रेरणा से स्व. सोहनबाई पूनमचंद चंडालिया परिवार द्वारा आयोजित चार दिवसीय महोत्सव के तहत स्थानीय ओशीन परिसर से वरघोड़ा निकाला। श्रावक-श्राविकाओं ने गुरु-भगवंतों के जयकारे लगाए। वरघोड़े का नगर में कई जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया और धर्मालुओं को स्वल्पाहार भी करवाया गया।

वरघोड़ा देवरी चौक, राजवाड़ा चौक, सदर बाजार, बस स्टैंड होता हुआ ओशीन परिसर पहुंचकर धर्मसभा के रूप में परिवर्तन हो गया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य विश्व रत्न सागर जी ने कहा कि जैन धर्म की सनातन परंपरा है पैदल संघ। कष्ट उठाओ कर्म दबाओ। अनुकूलता में तो सभी चलते हैं, लेकिन इस भीषण गर्मी में कष्ट को सहन करना है तो डरना क्या। 22 वर्ष पहले पैदल संघ की प्रेरणा हुई थी, जो आज फलीभूत हो रही है। यह सैलाना नगर व चंडालिया परिवार का सौभाग्य है। आप सभी प्रेम, उल्लास, उमंग एवं उत्साह के साथ छरि पालित पैदल यात्रा संघ में भाग ले रहे हैं। परमात्मा आपके साथ हैं। यहां दोपहर में चौबीसी, मेहंदी कार्यक्रम भी हुआ। इस दौरान आचार्य विश्व रत्न सागर जी, उदय रत्न सागर जी, उत्तम रत्न सागर जी, उज्ज्वल रत्न सागर जी, लब्धि रत्न सागर जी, रम्य रत्न सागर जी, शौर्य रत्न सागर जी सहित आयोजनकर्ता समाजसेवी अशोक कुमार चंडालिया सहित अन्य कई वरिष्ठ गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। रतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप भी समारोह में उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र में गुरुदेव का आशीर्वाद शुरू से रहा है। इस क्षेत्र में नागरिकों और युवाओं को विशेष रूप से धर्म के प्रति जागृत किया है।

आज रवाना होगा छरि पालित संघ

चंडालिया परिवार द्वारा आयोजित महोत्सव में 20 मई को तड़के चार बजे राई प्रतिक्रमण, पांच बजे मंत्र विधान-सामूहिक भक्तामर पाठ, 5ः30 बजे संघपति परिवार का विजय तिलक किया जाएगा। इसके बाद 5ः45 बजे छरि पालित संघ सैलाना से प्रस्थान कर धामनोद की पाटीदार बड़ी धर्मशाला पहुंचेगा। 21 मई को धामनोद से छरि पालित संघ नामली के अर्चला गार्डन पहुंचेगा। यहां साध्वी कारुण्योदया श्रीजी की प्रथम पुण्यतिथि निमित्त दोपहर दो बजे श्री शत्रुंजय गिरिराज की भाव यात्रा करवाई जाएगी। 22 मई को छरि पालित संघ नामली से सेमलिया तीर्थ पहुंचेगा। सुबह सात बजे तीर्थ में संघ का प्रवेश होगा। प्रातः आठ बजे श्री शांतिनाथ भगवान के अष्टोत्तरी अभिषेक होगा। 10ः30 बजे साधार्मिक वात्सल्य होगा। अंगूरबाला अशोक कुमार चंडालिया परिवार ने धर्मालुओं से उपस्थित रहने की विनती की है।

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प्रभु के दीक्षा कल्याणक का वृतांत सुन भावुक हुए श्रद्धालु

- नागेश्वर तीर्थ में अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव पर हुए विविध आयोजन

आलोट। नागेश्वर तीर्थ स्थित श्री जिनकुशल सूरी दादावाड़ी ट्रस्ट उन्हेल में जिन पीयूषसागर सूरीश्वर जी, चंद्रप्रभा श्रीजी की शिष्या विजयप्रभा श्रीजी, चंदनबाला श्रीजी, प्रज्ञा श्रीजी आदि ठाणा की निश्रा में चल रहे श्री सीमंधर स्वामी जिनालय के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान आठवें दिन गुरुवार को प्रभु का दीक्षा कल्याणक महोत्सव मनाया गया। संगीतकार नरेंद्र वाणी गोता द्वारा प्रभु के दीक्षा कल्याणक का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया। विदाई के दृश्यों को देखकर श्रावक-श्राविकाएं भावुक हो गए।

सुबह गोशाला परिसर से भगवान की रथयात्रा बैंडबाजों, बग्घी, हाथी, घोड़े, ऊंट व इंद्रध्वजा के साथ निकाली गई। इसमें हजारों श्रावक-श्राविकाओं ने हर्षोल्लास के साथ भाग लिया। रथयात्रा में आलोट, नागेश्वर, महिदपुर, चौमहला आदि नगरों के बहू मंडल, नवयुवक मंडल विशेष वेशभूषा में जयकारों लगाते हुए निकले। रथयात्रा का लाभ शिखरचंद कुसुमदेवी चौरड़िया परिवार अजीमगंज (कोलकाता) वालों ने लिया।

पुंडरिककिणी नगरी में भगवान के दीक्षा कल्याणक मनाते हुए आचार्यश्री द्वारा उनकी दीक्षा विधि संपन्ना कराई गई। साथ ही केशलोचन, प्रभु के प्रथम विहार का चित्रण भी प्रस्तुत किया गया। इस दौरान प्रतिष्ठा संबंधी विभिन्ना बोलिया लगाई गई। सुबह की नवकारसी का लाभ चंद्रिकाबेन कांकरिया परिवार रायपुर वालों ने लिया। दोपहर व शाम के साधार्मिक वात्सल्य का लाभ क्रमशः दादावाड़ी संघ, न्यूजर्सी न्यूयार्क व दादमीबाई पुखराज बोथरा परिवार सांचोर (हैदराबाद वालों) ने लिया। प्रतिष्ठा समिति के मीडिया प्रभारी डा. सुनील कुमार चोपड़ा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान दोपहर में समीरमल कर्नावट परिवार जावरा की ओर से श्री नवपद पूजन पढ़ाई गई। संध्या आरती मंगलदीप के पश्चात भजन निशा का आयोजन किया गया।

आज होगा भव्यातिभव्य प्रतिष्ठा महोत्सव

महोत्सव के तहत शुक्रवार को श्री सीमंधर स्वामी नूतन जिनालय में माणक स्तंभ आरोपण व तोरण विधान विधि के साथ श्री सीमंधर स्वामी प्रभु की भव्यातिभव्य प्रतिष्ठा आयोजित की जाएगी। ज्ञात हो कि मूलनायक श्री सीमंधर स्वामी भगवान की प्रतिष्ठा का लाभ पुखरतनबाई संपतराज सिंघी परिवार जोधपुर (नई दिल्ली) द्वारा लिया गया है, जिनके द्वारा प्रतिष्ठा की जाएगी। इस दौरान सकल संघ का साधार्मिक वात्सलय (फलेचुंदडी) का आयोजन भी सिंघी परिवार की ओर से होगा। दोपहर में मंदिर में श्री अष्टोत्तरी शांतिस्नात्र महापूजन पढ़ाई जाएगी, जिसका लाभ राकेशभाई मीनाबेन चौरड़िया परिवार भानुपरा वालों ने लिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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