आरिफ कुरैशी, रतलाम । मन में कुछ करने की इच्छा शक्ति हो तो कोई काम मुश्किल नहीं होता। बात जब भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम की हो तो बात ही अलग है। उनका नाम जपने से जीवन में आनंद ही आनंद आता है। ड्राइंग बनाने की शौकीन सीमा सक्सेना ने अपनी चित्रकारी में भगवान राम को शामिल कर लिया और चित्रों में छोटे-छोटे अक्षरों में राम नाम लिखकर कई सुंदर तस्वीरें बना दी। उन्होंने राम-सीता, हनुमानजी, तितली, मोर सहित अनेक प्रकार की तस्वीरे बनाई और नवरात्र में मां दुर्गा की बेहतरीन तस्वीर बनाकर उसमें अनगिनत बार राम नाम लिखा है।

इप्का फैक्ट्री के जनरल मैनेजर (एचआर) नीरज सक्सेना निवासी इंदौर हालमुकाम स्थानीय प्रतापनगर की पत्नी सीमा सक्सेना ने बताया कि उन्हें बचपन से चित्रकारी का शोक है। वे ड्राइंग व आइल पेटिंग करती रहती है। बच्चों की पढ़ाई व घरेलू कार्यों में उलझे रहने से ज्यादा समय नहीं मिलता है। लॉकडाउन के पहले बनाई तस्वीरों में उन्होंने कभी राम नाम का उपयोग नहीं किया। लॉकडाउन में उन्हें काफी समय मिला।

इस दौरान भरूच निवासी परिचित सीमा मोडानी से सोशल मीडिया द्वारा पता चला कि वे राम लेखन आर्ट से संबंधित कार्यशाला शुरू कर रही है । इस आध्यात्मिक कला से जुड़ने का सबसे बेहतर अवसर समझकर कार्यशाला ज्वाइन की । राम के नाम का उपयोग करके स्केच बनाना शुरू किया और तस्वीरें बनाती चली गई। लॉकडाउन से लेकर अभी तक कागजों पर अलग-अलग प्रकार की करीब 45 तस्वीरें बना चुकी है।

लाइन न डॉट, सिर्फ राम नाम

सीमा सक्सेना ने नईदुनिया को बताया कि कोरे कागजों पर जेल पेन से स्केच बनाती है। भगवान राम की तस्वीर बनाने और राम नाम लिखने के लिए लाल रंग तथा अन्य प्रकार की तस्वीरों में ब्ल्यू, रेड व ग्रीन रंग का उपयोग करती है। इस आर्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पूरी आकृति सिर्फ "राम" शब्द के प्रयोग से बनाई जाती है, किसी भी लाइन और डॉट का इस्तेमाल नहीं किया जाता। सिर्फ और सिर्फ राम, राम शब्द का उपयोग करके संपूर्ण आकृति बनाई जाती है।

अलग ही फिलींग, एक आध्यत्मिक उपासना

सीमा कहती है कि यह कला निस्वार्थता से आध्यात्मिकता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है, वे इस कला को आध्यात्मिक उपासना के सामान समझती है, जो उस सुप्रीम पावर के साथ कनेकक्शन जोड़ने में हमारी मदद करती है, हमारे आसपास एक सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करती है। एक असीम शांति का अनुभव कराती है, जो वर्तमान माहौल में सभी की लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने हाल ही में बनाई मां दुर्गा की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की जिसकी काफी सराहना मिली। वे यह कला सिखने के इच्छुक व्यक्तिओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दे चुकी है और आगे भी नि:शुल्क प्रशिक्षण जारी रखेगी।

Posted By: Sandeep Chourey

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