रतलाम, नईदुनिया प्रतिनिधि। घर में सुख-समृद्धि की कामना से महालक्ष्मी मंदिर में सजावट के लिए भक्तों द्वारा दी गई राशि वापस लौटाने पर रोक लगाने के बाद रविवार को पचास हजार से कम राशि देने वालों को राशि वापस दी जा रही है, लेकिन इससे अधिक राशि दस्तावेज दिखाने पर ही वापस मिलेगी। 42 भक्तों ने 50 हजार से अधिक राशि दी थी।

माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर पर कई वर्षों से नगदी, आभूषणों, हीरे-जवाहरातों से सजावट की जाती है। इस बार समृद्धि की आस में भक्तों की राशि फंस गई है। मामले में निर्वाचन आयोग को शिकायत पर शनिवार को प्रशासन ने राशि व जेवर लौटाने पर रोक लगा दी थी। रविवार सुबह विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारी भी मंदिर पहुंचे और और अधिकारियों के समक्ष विरोध जताया। सुबह मंदिर में निर्वाचन व्यय संबंधित टीम को भेजकर सजावट के लिए आई नगदी व आभूषण आकलन कराया।

मंदिर में 100 करोड़ रुपए व आभूषण से सजाने का दावा पुजारी द्वारा किया गया था लेकिन जब अधिकारियों द्वारा राशि जमा कराने के रजिस्टर जांचे तो कुल राशि 1 करोड़ 3 लाख 11 हजार 433 रुपए ही निकली। इसमें 45 लोग ऐसे थे जिन्होंने 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक की नगद राशि दी। 45 में से 3 लोग रोक लगाने के पूर्व अपनी राशि ले जा चुके हैं। अब 42 लोगों को राशि वापस लेने के लिए राशि के स्त्रोत का प्रमाण जिला पंचायत कार्यालय में सीईओ को सोमवार दोपहर 12 से 2 बजे के बीच बताना होगा। इसके बाद उन्हें राशि लौटाई जाएगी। कुल राशि में से 29 लाख 94 हजार 925 रुपए मंदिर से लौटाए जा चुके हैं।

Posted By:

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना