सुनील चौपड़ा, आलोट (रतलाम)। Ratlam News जिले के आलोट जनपद की ग्राम पंचायत भोजाखेड़ी में पांच वर्षों में 35 लोगों की कैंसर से मौत हो गई है। कैंसर से इतने लोगों की मौत के बाद भी कारण जानने में शासन-प्रशासन ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। अभी भी गांव के कई लोग कैंसर से पीड़ित हैं। दरअसल, आईआईएम इंदौर के 48 छात्रों का दल अक्टूबर में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और संवर्धन विषय पर अध्ययन के लिए आया था। 14 अक्टूबर को भोजाखेड़ी में छात्रों का एक दल रुका था। गांव में चौपाल लगाई और चर्चा की तो इस जानलेवा बीमारी के बारे में पता चला। एक ही गांव में 5 साल में 35 लोगों की मौत कैंसर से होने पर सभी हैरान हो गए। दल ने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को भी सौंपी। इसमें गांव में पानी में गड़बड़ी के चलते कैंसर की बीमारी होने की आशंका जताई। छात्र दल के प्रमुख श्रेयांश ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार ट्यूबवेल और कुओं की जांच को लेकर कलेक्टर रुचिका चौहान को जानकारी दी। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए।

पानी के मापदंड मानक स्तर के मिले

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने पानी के स्रोतों की जांच करवाई तो मानक मापदंड ही मिले, फिर प्रदूषण बोर्ड उज्जैन को भी इस बारे में जानकारी दी गई पर अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है। सरपंच प्रतिनिधि रामसिंह परिहार ने भी बताया कि उनकी मां भारत बाई का भी कैंसर के कारण दो साल पहले निधन हुआ है। यहां करीब 35 मौतें हो चुकी हैं। गत सप्ताह भी गांव के बापूसिंह चौहान की कैंसर से मौत हुई है।

कुएं में निकली थी जहरीली गैस

रामसिंह परिहार की मानें तो 5 वर्ष पूर्व किसान नागुलाल मोटर निकालने अपने कुएं में उतरा तो बेहोश हो गया। उसको निकालने दो अन्य व्यक्ति कुएं में उतरे तो वे भी बेहोश हो गए। फिर ग्रामीणों ने मुंह पर कपड़ा बांधकर उन्हें निकाला और उनका इलाज कराया। उस समय उस कुएं में जहरीले गैस होने की आशंका जताई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा इस बारे में कोई जांच नहीं की।

विधायक ने लिखा पत्र

आलोट विधायक मनोज चावला ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट को भी पत्र लिखा है। उन्होंने आलोट जनपद क्षेत्र के भोजाखेड़ी और जावरा जनपद क्षेत्र के केरवासा में कैंसर रोग से पीड़ित ग्रामीणों की मौत को लेकर पत्र लिख कर जांच कराने व नियंत्रण के उपाय करने की बात कही है।

गांव पर नजर

- जनसंख्या 2000

- पानी का स्रोत नल-जल योजना, कुएं, ट्यूबवेल

- नल जल योजना में 300 परिवार को कनेक्शन

भोजाखेड़ी में ट्यूबवेल और कुएं के पानी के सैंपल लिए थे। पानी के पैरामीटर अनुसार मापदंड पाया गया। डिविजनल कार्यालय से प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड उज्जैन को भी पत्र लिखा गया था। वहां से सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। -प्रियांशा दुबे, एसडीओ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जावरा

Posted By: Prashant Pandey

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