(रतलाम पेज एमआर 2 के लिए)

(एंकर)

-पश्चिम रेलवे ने मंडलों में दिए निर्देश, कोचों का स्वरूप बदला जाएगा

जलज शर्मा0रतलाम (नईदुनिया)। यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा ट्रेनों में जोड़े जाने वाले अतिरिक्त कोच के स्वरूप में बदलाव किया जाएगा। इससे एलएचबी (लिंक हॉफमेन बुश) या आइसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) रैक में यह कोच जोड़े जा सकेंगे। पश्चिम रेलवे मुख्यालय द्वारा सभी मंडलों के डीआरएम को इस संबंध में आदेश जारी कर कहा गया कि भविष्य में ट्रेनों की वेटिंग के दौरान मंडलों में इस तरह के कोच उपलब्ध रहने पर किसी भी ट्रेन में जोड़ा जा सकेगा। इस वजह से यात्रियों को कंफर्म बर्थ की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में नई तकनीक के एलएचबी रैक में एलएचबी कोच ही जोड़ पा रहे हैं।

लॉकडाउन के पहले से रतलाम मंडल में चलाई जा रही 14 ट्रेनों का परिचालन एलएचबी रैक से किया जा रहा है। दूसरे जोन एवं मंडलों से रतलाम मंडल होकर चलाई जा रही कई ट्रेनों में एलएचबी कोच के रैक हैं। इसके विपरित कई ट्रेनें अभी भी नीले कलर के साधारण रैक से चलाई जा रही हैं। कोविड के चलते रेलवे ने 5000 कोचों को आइसोलेशन वार्ड के रूप में उपयोग के लिए तैयार किया है। इन कोचों से करीब 200 ट्रेनें बनाई जा सकती हैं। रतलाम मंडल में भी 70 कोच आइसोलेशन वार्ड में बदले गए हैं। पहले ये कोच मंडलों में अतिरिक्त के रूप में रखे जाते थे।

वर्कशॉप भेजने होंगे कोच

पश्चिम रेलवे द्वारा जारी पत्र में मंडलों को कहा गया है कि वे अपने स्तर पर कोचों के स्वरूप को बदलें। रतलाम में इंदौर कोचिंग डिपो तथा महू डिपो में कोचों की मरम्मत संबंधी काम होते हैं। मगर तकनीकी रूप से समान करने का काम परेल मुंबई, भावनगर या वडोदरा के प्रतापनगर वर्कशॉप में ही संभव है। वहीं पुनर्निर्माण के लिए कोचों को भोपाल वर्कशॉप भी भेजना होगा।

समानता के लिए यह बदलाव

-कोचों की वायरिंग को पूरी तरह बदलना होगी।

-कोचों को जोड़ने के लिए बफर की समानता की जाएगी।

-वजन के मान से कोचों में समानता करना होगी।

-एलएचबी कोच में डिस्क ब्रेक, व सामान्य कोच में सीधे पहिए में ब्रेक लगता है।

-दोनों कोचों के ब्रेक सिस्टम में बदलाव किया जाएगा।

पश्चिम रेलवे से सर्कुलर जारी होने के बाद समीक्षा कर उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन पर व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाता है। - जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रेल मंडल रतलाम

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नौकरी के लिए 14 युवाओं का चयन

पिपलौदा। भारतीय सुरक्षा दस्ता परिषद नई दिल्ली, जनपद पंचायत पिपलौदा व मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए भर्ती कैंप का आयोजन जनपद सभागार में किया गया। इसमें जनपद पंचायत स्तर के 45 युवाओं ने भाग लिया। 14 युवाओं का मौके पर ही चयन किया गया। कार्यक्रम में 20 जनपद सदस्य में से मात्र एक जनपद सदस्य नारायणसिंह चिकलाना ही उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि के रूप में चिकलाना ने कहा कि सरकार चाहती है कि शिक्षित बेरोजगार किसी भी तरह रोजगार से जुड़कर अपने जीवन को स्वावलंबी बनाए। स्वावलंबी जीवन ही भारत की आत्मनिर्भरता है। इसके लिए हमें किसी भी क्षेत्र में काम करने के लिए कड़ी मेहनत के साथ संकल्प शक्ति की आवश्यकता होती है। आज जिन युवाओं का चयन हुआ है, उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। रीजनल ट्रेनिंग सेंटर जवासा के भर्ती अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि जिन युवाओं को चयन हुआ है, उन्हें प्रशिक्षण के दौरान नौकरी दे दी जाएगी। चयनित युवा 65 वर्ष तक नौकरी कर पाएंगे। इनकी ड्यूटी यस बैंक, एसबीआइ बैंक, आइडीबीआइ बैंक, सांची स्तूप खजुराहो का मंदिर, हॉस्पिटल आदि स्थानों पर लगाई जाएगी।

16आरएटी-12 : पिपलौदा में संबोधित करते हुए नारायणसिंह चिकलाना। नईदुनिया

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बारिश से फसलों में हो रहा नुकसान

रतलाम। जिले में बीते एक सप्ताह से रुक-रुककर रिमझिम-तेज बारिश का सिलसिला चल रहा है। इससे तापमान में भी घट-बढ़ हो रही है। मौसम साफ रहने के दौरान आमजन को सूरज की तेजी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। उधर, बारिश होने से खेतों में पककर तैयार और काटकर रखी फसलों में नुकसान पहुंच रहा है। वर्तमान में किसान युद्ध स्तर पर फसल समेटने में जुटे हुए हैं। जिले में अब तक 983.3 मिमी (39 इंच से अधिक) बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 805.2 मिमी (32 इंच) से सात इंच ज्यादा और गत वर्ष 1560 मिमी (करीब 62 इंच) से 23 इंच कम है।

बुधवार को मौसम खुला रहने के दौरान किसान परिवार के साथ फसलों को समेटने में जुटे रहे। कई किसानों ने खाली खेतों में रबी की तैयारी भी शुरू कर दी है। सुबह 8 बजे समाप्त हुए बीते चौबीस घंटों के दौरान जिले में 7.18 मिमी औसत बारिश हुई। जावरा में 19 मिमी, ताल में 26 मिमी, पिपलौदा में 12 मिमी पानी बरसा। आलोट, रतलाम, बाजना, रावटी, सैलाना तहसील सूखी रही। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सभी तहसीलें पिछड़ी हुई हैं। आलोट तहसील में 1078 मिमी, जावरा में 596 मिमी, ताल में 905.8 मिमी, पिपलौदा में 517 मिमी, बाजना में 190 मिमी, रतलाम में 340 मिमी, रावटी में 722.8 मिमी, सैलाना में 270 मिमी बारिश कम हुई है। जिले की अब तक की सामान्य बारिश 805.2 मिमी और कुल सामान्य बारिश 918.3 मिमी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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