रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना महामारी से बचाव के लिए औषधीय पौधों की मांग बढ़ेगी, इस संभावना से जिले के वन विभाग की नर्सरियों में इस बार औषधीय पौधों में वृद्धि की गई है। खासतौर पर तुलसी व एलोवेरा के पौधों की संख्या बढ़ाई गई है।

इस बार विभाग की छह नर्सरियों में 35 हजार नए पौधे तैयार किए गए हैं, जिसमें सभी औषधीय हैं। साथ ही पहले से तैयार पौधों में भी औषधीय पौधों की संख्या एक लाख से अधिक है, जो लोगों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा अन्य पौधे अलग-अलग योजनाओं के तहत रौपे जाएंगे। वन विभाग न केवल पौधे खुद लगाए जाएंगे बल्कि नगर निगम व अन्य सामाजिक संगठनों के माध्यम से भी लगाए जाएंगे। विभाग की ओर से फलदार, फूलदार, छायादार व औषधीय पौधे तैयार किए गए हैं। सागोद नर्सरी में एक लाख 43 हजार पौधे तैयार हैं,जबकि इतने-इतने ही अन्य पांच नर्सरियों में हैं। कोरोना के बीच सरकारी पौधरोपण भी नहीं हुआ और न ही निजी तौर पर पौधे लगे। दो साल पहले 11 लाख पौधे बिके थे और कोरोनाकाल में पिछले साल तीन लाख ही बिके, जिसके कारण सभी नर्सरियों में पुराने पौधे बच गए हैं। औषधीय पौधों में नीम, तुलसी, आंवला, बरगद, पीपल, एलोवेरा, बिल्वपत्र, पीपल, गिलोय आदि के पौधे तैयार हैं। नर्सरी प्रभारी दिनेश कौशल ने बताया कि कोरोना के बाद से पौधे नहीं बिके हैं, लेकिन इस बार उम्मीद है कि औषधीय पौधे बिकेंगे। जो लोग नर्सरी में पौधे लेने आ हरे हैं, उन्हे अन्य पौधों के साथ औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। बारिश में अभियान चलाकर लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित करेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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