Ratlam News: रतलाम। पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायालय ने इलाज कराने क्लीनिक पर आई किशोरी पर लैगिंक हमला करने के मामले में अभियुक्त वैद्य 30 वर्षीय अब्दुल जलील पुतर् अब्दुल रहमान निवासी कालीकट (कोडीकोट) केरल हाल मुकाम स्थानीय अंजलीधाम कालोनी को बीस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। फैसला सोमवार को विशेष न्यायाधीश योगेंद्रकुमार त्यागी ने सुनाया।

अभियोेजन के अनुसार करीब सवा सोलह वर्षीय किशोरी को चक्कर आते थे। इस कारण वह छह वर्ष से आरोपित वैद्य अब्दुल जलील से जवाहर नगर स्थित धनवंतरी आयुर्वेद क्लीनिक पर इलाज करा रही थी। एक दिन वैद्य अब्दुल ने किशोरी से कहा था कि उसकी चक्कर आने की बीमारी ठीक हो गई है। केवल उसे हार्टबीट चेक कराने के लिए हर तीन माह में एक बार क्लीनिक पर आना होगा।

इस कारण वह 26 जून 2021 की शाम करीब साढ़े चार बजे बड़ी बहन के साथ क्लीनिक पर चेकअप कराने गई थी। बड़ी बहन बाहर बैठ गई थी। अंदर हमेशा की तरह वैद्य अब्दुल ने चेकअप के लिए टेबल पर लेटाया था। चेकअप के दौरान उसने अश्लील हरकत की थी। इससे वह घबरा गई थी।

यह देख अब्दुल ने उसे घर जाने के लिए कहा था। घर जाकर उसने बहन को घटना बताई थी। रात में काम से पिता के लौटने पर उसने माता-पिता को भी घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद पिता व बहन के साथ औद्योगिक क्षेत्र थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपित वैद्य अब्दुल को गिरफ्तार कर लिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया था। शासन की तरफ से पैरवी विशेष लोक अभियोजक गौतम परमार ने की।

उच्च न्यायालय से नहीं मिली थी जमानत

विशेष लोक अभियोजक गौतम परमार ने बताया कि पुलिस ने वैद्य जलील को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में ही है। कुछ माह पहले उसने उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में जमानत के लिए आवेदन पेश किया था। उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद स्थानीय न्यायालय को आदेशित किया था कि अभियुक्त अब्दुल को जमानत का लाभ न देकर तीन माह में प्रकरण का विचारण समाप्त कर निर्णय दिया जाए। विशेष न्यायालय एवं अभियोजन के विशेष प्रयासों से प्रकरण का विचारण समय सीमा में पूरा किया गया।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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