Ratlam Triple Murder Case: रतलाम। गुजरात के दाहोद में दो लोगों और मध्यप्रदेश के रतलाम नगर में चार लोगों की हत्या करने के मास्टरमाइंड 50 हजार रुपये के इनामी आरोपित दिलीप देवल को मुठभेड़ में मार गिराने वाली रतलाम पुलिस टीम की मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री ने जहां ट्वीट कर धन्यवाद देते पुलिस कर्मियों का हौसला बढ़ाया है। वहीं गृहमंत्री ने जिला अस्पताल में भर्ती घायल आरक्षक विपुल से वीडियो कॉल पर बात की और उनका हौसला बढ़ाते हुए उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पुलिसकर्मी विपुल से बात करते हुवे कहा कि कोई तकलीफ हो तो बताना। भोपाल या दिल्ली शिफ्ट तो नहीं करना है। ज्यादा तकलीफ तो नहीं है और भोपाल आओ तो फोन करके जरूर उनसे मिलने आना साथ बैठ कर चाय पिएंगे।

मुख्यमंत्री ने घटना के कुछ समय बाद ट्वीट किया था कि उन्होंने पुलिस को सख्त निर्देश दिए थे कि ऐसे नरपिशाच को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उसे जल्द पकड़ा जाए। जब पुलिस टीम उसे पकड़ने गई तो उसने टीम पर गोलियां चलाई। बहादुर जवानों ने मुंह तोड़ जवाब दिया। मुठभेड़ में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं उनके स्वास्थ्य की कामना करता हूँ। मध्य प्रदेश की तरफ से पुलिस टीम को धन्यवाद।

पत्नी व दो बच्चे पहुंचे अस्पताल

पुलिस ने दिलीप के स्वजन को शव ले जाने व पोस्टमार्टम के सम्बंध में रात में ही सूचना दे दी थी। पुलिस शुक्रवार सुबह से स्वजन के आने का इंतजार कर रही थी। उसकी पत्नी अनुराधा दो बच्चोंं व अन्य रिश्तेदारों के साथ दोपहर करीब सवा दो बजे अस्पताल पहुंची। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम ले लिए कागजी कारवाई शुरू की गई।

गोरतलब है कि दिलीीप ने 2017 में दाहोद में दो अलग-अलग लोगों की हत्या की थी। दाहोद के एक व्यापारी की हत्या के आरोप में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2019 में जेल से पैरोंल पर छूटने के बाद वह भागकर रतलाम आ गया था और किराये का मकान लेकर रतलाम में रहा था।

उसने साथियो के साथ मिलकर 18 जून 2020 को मनीष नगर में डॉ प्रेमकुंवर सिसोदिया की गोली मारकर हत्या कर दी थी और जेवर आदि लूट कर भाग गया था। पुलिस इस मामले का खुलासा भी नही कर पाई थी कि उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर 25 नवंबर 2020 की रात राजीव नगर में गोविंद सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा व बेटी दिव्या की हत्या कर जेवर व रुपए लूटकर भाग गया था। पु

लिस ने तीन दिन पहले दोनों मामलों में उसके पांच साथियों को गिरफ्तार किया था। दिलीप पुलिस के हाथ नहीं आया था। पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश कर रही थी। 3 दिसम्बर की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि वह खाचरोद की तरफ से मिडटाउन कालोनी में किराए के मकान पर जा रहा हैं।

तभी पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्रयास किया था। वह भगने लगा और फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाब में गोलियां चलाई मुठभेड़ में दिलीप को पुलिस टीम ने मार गिराया और वही मुठभेड़ के दौरान माणक चौक थाना प्रभारी अयूब खान, एसआई अनुराग यादव, साइबर सेल के आरक्षक बलराम पाटीदार, विपुल भावसार और हिम्मत सिंह घायल हो गए थे। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था,जहां उनका इलाज चल रहा है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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