जावरा। ग्राम कलालिया में शिव पुराण कथा का शुभारंभ 17 मई को हुआ। कथा वाचक रितेश्वरी देवी वृदांवन वाली ने प्रतिदिन दोपहर 12 से 4 बजे तक श्रद्धालुओं को कथा का श्रवण करवा रही हैं। आयोजन में ग्रामवासी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। शुक्रवार को समाजसेवी नारायणसिंह चंद्रावत कथास्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने कथावाचक रितेश्वरी का स्वागत कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर समाजसेवी चंद्रावत ने कहा कि संसार का सर्वश्रेष्ठ धर्म सनातन धर्म है, इस धर्म ने प्रारंभ काल से ही चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन आज भी विद्यमान है और आगे भी रहेगा। संसार की कोई भी शक्ति इस धर्म को नष्ट नहीं कर सकती है। आज देश में जाति, धर्म और वर्ग के नाम पर कुछ आतताई शक्तियां सनातन धर्म को तोड़ने का नाकाम प्रयास कर रही है। ऐसे में हमें जाति, धर्म और वर्ग से परे रहकर सनातन धर्म के लिए आगे आना होगा। सिर्फ धर्म के जयकारे लगाने से ही धर्म की रक्षा नहीं होगी। धर्म कार्य करने से ही धर्म की रक्षा होगी। जीवन में श्रेष्ठ कर्म कर लेना सबसे पुण्य का कार्य है। धर्म कार्य में लगाया धन कभी व्यर्थ नहीं जाता है।

छरि पालित पैदल संघ का नामली में प्रवेश

नामली। धर्मनिष्ठ सोहनबाई पूनमचंद चंडालिया परिवार द्वारा आयोजित सैलाना से सेमलियाजी महातीर्थ तक छरि पालित पैदल संघ निकाला जा रहा है। आचार्य विश्व रत्न सागर सूरीश्वर जी आदि की निश्रा में पैदल संघ का नामली में प्रवेश हुआ। नामली श्रीसंघ द्वारा पैदल संघ का स्वागत कर गुरुदेव का आशीर्वाद लिया गया। पैदल संघ में साधु भगवंत व साध्वी वृंद के साथ बड़ी संख्या में महिला-पुरुष व बच्चे शामिल रहे। प्रवेश के पश्चात नवकारसी का आयोजन किया गया। दोपहर में विश्वरत्न सागर जी आदि के प्रवचन हुए। नामली श्रीसंघ द्वारा संघपति का बहुमान किया गया। शाम को आरती व भक्ति का आयोजन किया गया।

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गंगा जल कलश यात्रा निकाली

सैलाना। समीपस्थ ग्राम अडवानिया के रोकड़िया हनुमान मंदिर पर पंच कुंडात्मक श्रीराम मारुति महायज्ञ की पूर्णाहुति र्हुइ। यज्ञ समस्त ग्रामवासी द्वारा विश्व कल्याण के लिए रोकड़िया हनुमान मंदिर पर पं. मनीष शास्त्री खोजनखेड़ा, पं. भरत शर्मा मालाखेड़ा वाले की उपस्थिति में संपन्ना हुआ। शनिवार को समस्त गांववासियों ने रोकड़िया हनुमान मंदिर से कलश यात्रा ढोल-ढमाकों के साथ निकाली। कलश यात्रा में महिला-पुरुष नृत्य करते हुए निकले। कलश यात्रा का गांव में कई जगह स्वागत किया गया। पूर्णाहुति के बाद महाप्रसादी का वितरण किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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