रतलाम। अखंड ज्ञान आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी ज्ञानानंद जी के 31वें पुण्य स्मृति महोत्सव के छठे सत्र में भगवान की लीलाओं को सुन और रुक्मणि विवाह का प्रसंग देख भक्त आल्हादित हो गए। महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती जी ने कहा कि भगवान मूलतः हमारी भावनाओं की परिणिति है। भगवान को किसी नाम, रूप पर सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता। उनकी लीलाओं और उपदेशों का एकमात्र रहस्य यही है कि हम किसी भी तरह से ईश्वर से जुड़कर अपना कल्याण करने के लिए प्रेरित हो। आचरण में धर्म को आगे रखने से हम कई तरह के पाप कर्मों से बच जाते हैं। इस सत्य को समझाने का कार्य श्रीमद् भागवत कथा से आसान हो जाता है।

स्वामीजी ने कहा कि श्रुति कहती हैं कि जैसी भगवान में भक्ति होती है, वैसी ही भक्ति गुरुजनों के प्रति होना चाहिए। ये केवल सनातन संस्कृति है, जो सर्वत्र परमात्म दर्शन करवाती हैं। सृष्टि के प्रत्येक कण-कण में परमात्मा का वास का दर्शन सिर्फ सनातन धर्म में है। जो लोग शास्त्र की मनमानी व्याख्या करते हैं, वे समाज को भ्रमित करने का पाप करते हैं। ऐसे लोगों से समाज को सावधान रहना चाहिए। आज समाज में धर्म के प्रति बढ़ती जाग्रति सुखद है। मुख्य यजमान मैनाबाई बंशीलाल अग्रवाल ने बताया कि कथा की पूर्णाहुति 25 मई को होगी। 26 मई को भंडारा रखा गया है। इस अवसर पर देशभर से महोत्सव में आए साधु-संतों के प्रवचन होंगे। संचालन कैलाश व्यास ने किया।

राजपूत समाज ने किया स्वागत

राजपूत नवयुवक मंडल द्वारा स्वामीजी को शाल, श्रीफल व स्मृति चि- भेंट किया गया। समाज के राजेंद्रसिंह गोयल, शैलेंद्रसिंह देवड़ा, महेंद्रसिंह सिसौदिया, किशोरसिंह चौहान, चैनसिंह सांखला, डाडमसिंह राठौर, मनोहरसिंह चौहान, कमलसिंह राठौर, भारतसिंह पंवार, सतीशसिंह राठौर, शंभुसिंह सिसोदिया, जोगेंद्रसिंह सिसोदिया, वसुमतिसिंह, गीता राठौर, ममता चौहान सहित समाजजन उपस्थित थे।

आज निकलेगी कलश व संतों की शोभायात्रा

दलोट। सूर्यवंशी कुमावत समाज द्वारा राम-जानकी मंदिर की 17वीं वर्षगांठ पर आयोजित शिव महापुराण कथा के छठे दिन संस्कार ऋषि दिनेश व्यास नीलकंठ आश्रम घटवास ने कहा कि हमारे द्वारा किए जाने वाले दैनिक कार्यों के कारण कई जीव नष्ट हो जाते हैं। इससे हमें पांच प्रकार के दोष लगते हैं, इसे पंचशुना कहते हैं। इनसे बचने के लिए ब्रह्म यज्ञ, देव यज्ञ, पितृ यज्ञ, आदि करके बचा जा सकता है। मैनपुरी आश्रम मंदसौर से आए महेश चेतन महाराज ने कहा कि आज विश्व स्तर पर कोरोना जैसी भयंकर महामारी ने तांडव मचा रखा है। रूस-यूक्रेन व कई खाड़ी देशों के बीच में नरसंहार हो रहा है, ऐसी परिस्थिति में भी परमात्मा की हमारे देश के ऊपर ऐसी कृपा है कि हम इस गांव में बैठकर भगवान की सुंदर पावन कथा का आनंद ले रहे हैं। यह महादेव की कृपा है। हमारा देश देवी-देवताओं का देश है और महापुरुषों का देश है। हमारे ऊपर कोई संकट नहीं आए ऐसी हमको प्रार्थना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हिंदू धर्म के ऊपर कुठाराघात हो रहा है। अन्य धर्मों के लोग हिंदुओं का धर्मांतरण करने में लगे हुए हैं। इस देश को तोड़ने की साजिश चल रही है। उससे सावधान रहना चाहिए। बुधवार को कलश व संतों की शोभायात्रा निकाली जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close