रतलाम। संयम जीवन अंगीकार करने जा रहे दीक्षार्थी ईशान कोठारी, जुड़वां बहनें पलक और तनिष्का चाणोदिया के संयम वस्त्रों पर केसर, चेहरे पर हल्दी, हाथों में मेहंदी रची और कलाई पर रक्षा सूत्र सजे। मुमुक्षुओं की दीक्षा के पश्चात उनके संयम जीवन में उपयोग में आने वाली सामग्री की छाप उत्सव, उमंग और उत्साह से परिपूर्ण माहौल में भरी गई। मुमुक्षुओं के साथ स्वजन ने इस विधि को नाचते गाते झूमते पूर्ण किया। रक्षाबंधन का पर्व मनाते हुए दीक्षार्थियों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे गए। भावविभोर कर देने वाले इस प्रसंग में सभी की आंखें नम हो गई।

बंधु बेलड़ी आचार्य जिनचंद्रसागर सूरीश्वर जी आदि ठाणा की निश्रा में आयोजित दीक्षा पर्व के तीसरे दिन दीक्षार्थी के कपड़े रंगने की विधि की गई। साध्वी हितदर्शना श्रीजी, साध्वी मुक्तिप्रिया श्रीजी और साध्वी शुचिप्रज्ञा श्रीजी आदि श्रमणी वृंद की निश्रा में यह आयोजन सैलाना वालों की हवेली में रखा गया। संगीतकार विवेक भंडारी और अनुमोदनकर्ता राजेंद्र, महेंद्रकुमार, मंजुला बहन, सपना बहन मेहता परिवार भोपाल रहे।

गुरु की उंगली थामे चलते रहे ईशान

सुबह आचार्यश्री आदि ठाणा की निश्रा में सेठजी का बाजार उपाश्रय से जैन कालोनी तक चल समारोह निकला। उज्जैन से विहार कर रतलाम आए प्रसन्नाचंद्रसागर जी ने चल समारोह में पहुंचकर आचार्यश्री के दर्शन-वंदन किए। दीक्षार्थी ईशान कोठारी, पलक और तनिष्का चाणोदिया बग्घी में सवार थे। ईशान कुछ समय के बाद गुरुदेव की उंगली थामकर पूरे समय नंगे पैर चले। जोधपुर से आया जिया बैंड आकर्षण का केंद्र रहा। एक ही रंग के ड्रेसकोड और पिंक कलर के साफे में बैंड में आए कलाकारों ने मधुर स्वरलहरियां बिखेरी। मार्ग में वरिष्ठ समाजसेवी खुर्शीद अनवर, पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी, महेंद्र ब्रह्मचारी हनुमान जी का बड़ा मंदिर सहित वरिष्ठजनों ने आचार्यश्री से आशीर्वाद लिया। दीक्षा महोत्सव समिति के शेखर कांसवा, पूर्व मंत्री कोठारी आदि के निवास पर आचार्यश्री पधारे। मार्ग में जगह-जगह आचार्यश्री के समक्ष गहुली की गई। जबकि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे कई प्रेरक संदेशों के साथ मार्ग में चौराहे-चौराहे पर रंगोलियां सजाई गई।

जैन कालोनी में गूंजा दीक्षार्थी का जयघोष

चल समारोह जैन कालोनी में दीक्षा महोत्सव समिति अध्यक्ष लालचंद सुराना, उपाध्यक्ष इंदरमल जैन व सचिव विश्वराज ऋषभ मूणत परिवार द्वारा आयोजित व्याख्यान व दीक्षार्थी बहुमान समारोह में पहुंचा। गणिवर्य पदमचंद्रसागर जी, गणिवर्य आनंदचंद्र सागर जी ने आशीर्वचन प्रदान किए। आचार्यश्री को कांबली ओढ़ाकर आयोजक परिवारों के साथ वरिष्ठ समाजसेवी फतेहलाल कोठारी, खुर्शीद अनवर ने वंदन किया। दीक्षार्थी ईशान कोठारी, पलक और तनिष्का चाणोदिया का शाल, श्रीफल भेंटकर बहुमान किया गया। उपस्थितजनों ने दीक्षार्थी अमर रहो का जयघोष किया। संचालन सौरभ भंडारी ने किया।

बालमुनि वंदनावली की अनूठी प्रस्तुति

दीक्षा पर्व पर बाल मुनि वंदनावली व समूह सामायिक का अनूठा आयोजन रखा गया। बालमुनि के रूप में जिनशासन के प्रभावक करीब 51 बालमुनि के शासन सेवा कार्यों और उनकी तप त्यागमय जीवन गाथा को सभा में उपस्थित बालमुनि महाराज श्रीजी ने श्रवण करवाया। सभी बालमुनि ने भक्ति भावपूर्वक स्तवन प्रस्तुत किए, जबकि नूतन बालमुनि श्रीचंद्रसागर जी ने जाप करवाया। कार्यक्रम में सभी 51 बालमुनि संयम ग्रहण करने की उम्र और वर्तमान पदवी की जानकारी देता फ्लेक्स भी लगाया गया। बाल मुमुक्षु ईशान कोठारी अपने बाल सखाओं के साथ संगीतकार शिवमसिंह बड़ौदा के भक्ति गीतों पर झूमते नाचते उत्सव मनाते रहे।

आज निकलेगा वर्षीदान वरघोड़ा

लाभार्थी पुष्पाबेन रमणलाल, रवींद्र कुमार, विशाल पायल कोठारी ने बताया कि आचार्यश्री की निश्रा में तीनों दीक्षार्थियों का वर्षीदान वरघोड़ा 25 मई को सुबह 8ः30 बजे शास्त्री नगर नाकोड़ा स्वीट्स से निकलेगा। इसमें विविध आकर्षण होंगे। दोपहर 12ः39 बजे श्री सिद्धचक्र महापूजन, जबकि शाम चार बजे अंतिम वनोला और रात्रि आठ बजे दीक्षार्थियो का विदाई समारोह रखा गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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