रतलाम। वर्षा में विलंब से किसान सहित आमजन के माथे पर चिंता की लकीरें खींचती जा रही है। जून माह बीतने को हैं और अभी तक कहीं भी पर्याप्त पानी नहीं बरसा है। इससे कई स्थानों पर जलसंकट की स्थिति निर्मित हो गई है, वहीं किसान खरीफ की बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। भरपूर बारिश की कामना को लेकर जिले में प्रार्थना का दौर भी शुरू हो गया है। जिले में अब तक औसत 42 मिमी वर्षा हुई है, जो गत वर्ष इस अवधि से 72.8 मिमी कम है। अब तक की औसत सामान्य वर्षा 84 मिमी और कुल सामान्य वर्षा 918.3 मिमी है।

जिले के आसमान में हर दिन बादलों की उमड़-घुमड़ हो रही है, लेकिन झमाझम की झड़ी नहीं लग रही। शहर में रविवार को भी दिनभर मौसम साथ रहा। केवल दोपहर में दो-पांच मिनट हल्की बूंदाबांदी हुई। आमजन दिनभर गर्मी और उमस से बेचैन होते रहे। वर्षा में विलंब से सभी की चिंता बढ़ती जा रही है। कई नलकूप व हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं, वहीं जलस्रोतों ने भी साथ छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे जलसंकट की स्थिति निर्मित होना शुरू हो गई है। जिले के ज्यादातर किसानों ने अभी तक खरीफ की बोवनी नहीं की है। सभी बोवनी लायक चार-पांच इंच से अधिक वर्षा होने का इंतजार कर रहे हैं।

जिले की तहसीलों में वर्षा की स्थिति

तहसील अब तक गत वर्ष की वर्षा मिमी में

आलोट 5.0 94.0

जावरा 138.0 248.0

ताल 43.0 94.0

पिपलौदा 25.0 93.0

बाजना 27.0 36.0

रतलाम 39.0 129.0

रावटी 13.1 133.4

सैलाना 46.0 91.0

औसत 42.0 114.8

दिन व रात के तापमान में वृद्धि

एक पखवाड़े से दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के अंदर बना हुआ है। शनिवार के मुकाबले रविवार को अधिकतम तापमान में 1.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 2.0 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह की आर्द्रता 61 प्रतिशत व शाम की 71 प्रतिशत रही, जो शनिवार को क्रमशः 77 व 62 प्रतिशत थी।

एक नजर तापमान की चाल पर

तारीख अधिकतम न्यूनतम

26 जून 39.0 28.0

25 जून 38.0 26.0

24 जून 35.5 26.2

23 जून 38.6 26.6

22 जून 39.2 26.6

21 जून 36.2 25.2

20 जून 35.6 26.2

19 जून 37.6 26.6

18 जून 36.5 27.4

दोपहर बाद बरसे बादल, उमस से मिली राहत

सैलाना। नगर में रविवार दोपहर बाद वर्षा हुई। इससे तापमान में गिरावट आई। हालांकि किसानों को अभी झमाझम वर्षा का बेसब्री से इंतजार है। किसान चिंतित है। आसपास के गांवों में सोयाबीन, मक्का, कपास आदि की बोवनी हो गई और सैलाना में अभी तक बोवनी शुरुआत तक नहीं हुई।

खेतों में लहलहाने लगे सोयाबीन के पौधे

सिमलावदा। क्षेत्र में वर्षा होने के बाद से ही किसानों ने खेतों में सोयाबीन, मक्का, तुअर, गेंदा, कलकती फूल, मिर्च, टमाटर आदि की बोवनी शुरू कर दी। क्षेत्र में 10 जून को हुई वर्षा के बाद अधिकांश किसानों ने सोयाबीन व अन्य फसलों की बोवनी कर दी थी। कुछ किसानों ने अच्छी वर्षा के इंतजार में अभी बोवनी नहीं की है। बोवनी के बाद खेतों में सोयाबीन के बीज अंकुरित होकर पौधों के रूप में लहलहाने लगे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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