रतलाम। शहर सहित अंचल में वर्षा की झड़ी से चारों तरफ पानी ही पानी हो गया। नदी-नाले उफान पर आ गए और जलस्रोत लबालब होकर छलकने लगे। जगह-जगह जलजमाव हो गया। नीचले इलाकों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। पुल-पुलियाओं और रपटों पर पानी आने से कई रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो गए। जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। जिले में अब तक 680.6 मिमी वर्षा हो चुकी है। यह गत वर्ष के मुकाबले 90.4 मिमी ज्यादा है। जिला अब गत वर्ष के मुकाबले और सामान्य वर्षा में काफी आगे निकल चुका है। जावरा और सैलाना तहसील तो कुल सामान्य वर्षा से दो कदम दूर है। जिले की अब तक की सामान्य औसत वर्षा 523 मिमी और कुल सामान्य औसत वर्षा 918.3 मिमी है।

शहर सहित अंचल में रुक-रुककर रिमझिम-तेज वर्षा हो रही है। सोमवार रात के बाद मंगलवार को दिनभर वर्षा की झड़ी लगी रही। इससे नदी-नाले उफनते रहे। कई रास्ते अवरुद्ध होने से गांवों का तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। भारी वर्षा से कई गांवों ने टापू का रूप ले लिया। सुबह आठ बजे समाप्त हुए बीते चौबीस घंटों के दौरान जिले में औसत 78.8 मिमी पानी बरसा। आलोट तहसील में 78 मिमी, जावरा में 134 मिमी, ताल में 66 मिमी, पिपलौदा में 119 मिमी, बाजना में 78 मिमी, रतलाम में 54 मिमी, रावटी में 35.6 मिमी, सैलाना तहसील में 66 मिमी पानी बरसा।

गत वर्ष से आलोट-ताल तहसील पीछे

समय-समय पर हो रही वर्षा से खरीफ फसलों की स्थिति बेहतर बनी हुई है। बीते दो दिनों से बरस रही कृपा ने जिले को तरबतर कर दिया है। आलोट और ताल तहसील को छोड़कर जिले की सभी तहसीलों में गत वर्ष से ज्यादा पानी बरस चुका है। गत वर्ष के मुकाबले जावरा में 71 मिमी, पिपलौदा में 132 मिमी, बाजना में 238 मिमी, रतलाम में 212 मिमी, रावटी में 141.7 मिमी, सैलाना में 224 मिमी वर्षा ज्यादा हुई है, जबकि आलोट में 27 मिमी, ताल में 122 मिमी पानी कम बरसा है।

जिले की तहसीलों में वर्षा की स्थिति वर्षा मिमी में

तहसील अब तक गत वर्ष

आलोट 573.0 600.0

जावरा 858.0 787.0

ताल 646.0 768.0

पिपलौदा 619.0 487.0

बाजना 657.0 419.0

रतलाम 722.0 510.0

रावटी 643.1 501.4

सैलाना 879.0 655.0

औसत 680.6 590.2

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झमाझम से जलस्रोत लबालब

सैलाना। क्षेत्र में दो दिनों से झमाझम की झड़ी लगी हुई है। इससे खाली पड़े जलस्रोत पूरी तरह भर गए हैं। जलस्रोत भर जाने से नगर में पेयजल संकट उत्पन्ना नहीं होगा तथा किसानों को सिंचाई के लिए भी परेशान नहीं पड़ेगा। झमाझम वर्षा से किसानों, व्यवसायियों के चेहरे खिले-खिले नजर आ रहे हैं।

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ओवरफ्लो हुआ लाल माता तालाब

ढोढर। क्षेत्र में सोमवार शाम से हो रही झमाझम वर्षा से चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में पानी की दरकार महसूस की जा रही थी। यहां सोमवार शाम करीब सात बजे से प्रारंभ हुई वर्षा दूसरे दिन मंगलवार को भी दिनभर बदस्तूर जारी रही। झमाझम वर्षा से क्षेत्र के जलस्रोत लबालब हो गए। मौसम की पहली जोरदार झड़ी ने सभी को तरबतर कर दिया। समीपस्थ ग्राम चिकलाना का लाल माता तालाब एक ही वर्षा में लबालब होकर ओवरफ्लो हो गया। सभी शासकीय विद्यालयों, कार्यालयों को ग्राम से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बनी पुलिया से पानी बहने लगा। फलस्वरूप विद्यालयों तथा शासकीय कार्यालयों से संपर्क कट गया। उल्लेखनीय है कि मुख्य मार्ग की पुलिया काफी नीचे हैं। इस संबंध में किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्रसिंह चंद्रावत ने 26 जनवरी को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन दिया था। इसमें पुलिया को चार फीट ऊंची किए जाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन विभाग द्वारा कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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