रतलाम। महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती जी ने कहा कि दुनिया के जितने भी धर्म और मजहब है, वे सभी भयभीत करने का काम करते हैं, लेकिन यह एक मात्र सनातन धर्म है, जो मौत के भय से निर्भय बनाकर अभय बनाता है। मौत सामने खड़ी है, लेकिन फिर भी सात दिन में शुकदेवजी ने राजा परीक्षित को मुक्ति प्रदाता श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करवाकर अभय पद में प्रतिष्ठित कर दिया। जीते जी जीवन मुक्ति प्रदान करने का मार्ग सनातन धर्म और ग्रंथ श्रीमद भागवत है। इसलिए जब भी अवसर मिले कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। इससे न केवल कलयुग के दोषों से रक्षा होती है, बल्कि भक्ति, ज्ञान और वैराग्य भी जीवन में प्रकट होते हैं।

अखंड ज्ञान आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी ज्ञानानंद जी के 31वें पुण्य स्मृति महोत्सव के तीसरे दिन श्रीमद् भागवत कथा में मुख्य यजमान मैनाबाई बंशीलाल अग्रवाल ने पोथी की पूजा-अर्चना कर स्वामीजी का स्वागत किया। आश्रम सहसंचालक स्वामी देवस्वरूपानंद जी ने स्वागत वंदन किया।

इन्होंने किया स्वागत

आरंभ में पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी, अशोक चौटाला, विप्लव जैन, राजेंद्र वाघेला, विजय उपाध्याय, नित्येंद्र आचार्य, विशाल वर्मा, केबी व्यास, राकेश पोरवाल, गायत्री वीडी टंडन, ध्यानसिंह, देवीसिंह, गणेश शर्मा आदि ने स्वामीजी का स्वागत कर आशीर्वाद लिया। संचालन कैलाश व्यास ने किया।

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सागर जैसा होना चाहिए मन

दलोट। सूर्यवंशी कुमावत समाज द्वारा राम-जानकी मंदिर की 17वीं वर्षगांठ पर आयोजित शिव महापुराण के तृतीय दिवस पर कथा वाचक पंडित दिनेश व्यास गुरुजी ने कहा कि मनुष्य को तन से संतुलित और मन से सागर जैसा होना चाहिए। संसार की बुरी बातों से विचलित नहीं होना चाहिए, अगर आपको कोई गाली भी दे तो समझना चाहिए कि गाली देने वाला अपने खानदान का परिचय दे रहा है, उसके कुल में कैसे लोग हुए हैं, यह वह बता रहा है। शिव महापुराण में आज भगवान शिव-पार्वती के विवाह का विस्तार से वर्णन किया गया। आयोजनकर्ताओं द्वारा जीवंत झांकी का प्रदर्शन किया गया।

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छरि पालित पैदल संघ का नामली में प्रवेश

नामली। धर्मनिष्ठ सोहनबाई पूनमचंद चंडालिया परिवार द्वारा आयोजित सैलाना से सेमलियाजी महातीर्थ तक छरि पालित पैदल संघ निकाला जा रहा है। आचार्य विश्व रत्न सागर सूरीश्वर जी आदि की निश्रा में पैदल संघ का नामली में प्रवेश हुआ। नामली श्रीसंघ द्वारा पैदल संघ का स्वागत कर गुरुदेव का आशीर्वाद लिया गया। पैदल संघ में साधु भगवंत व साध्वी वृंद के साथ बड़ी संख्या में महिला-पुरुष व बच्चे शामिल रहे। प्रवेश के पश्चात नवकारसी का आयोजन किया गया। दोपहर में विश्वरत्न सागर जी आदि के प्रवचन हुए। नामली श्रीसंघ द्वारा संघपति का बहुमान किया गया। शाम को आरती व भक्ति का आयोजन किया गया।

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गंगा जल कलश यात्रा निकाली

सैलाना। समीपस्थ ग्राम अडवानिया के रोकड़िया हनुमान मंदिर पर पंच कुंडात्मक श्रीराम मारुति महायज्ञ की पूर्णाहुति र्हुइ। यज्ञ समस्त ग्रामवासी द्वारा विश्व कल्याण के लिए रोकड़िया हनुमान मंदिर पर पं. मनीष शास्त्री खोजनखेड़ा, पं. भरत शर्मा मालाखेड़ा वाले की उपस्थिति में संपन्ना हुआ। शनिवार को समस्त गांववासियों ने रोकड़िया हनुमान मंदिर से कलश यात्रा ढोल-ढमाकों के साथ निकाली। कलश यात्रा में महिला-पुरुष नृत्य करते हुए निकले। कलश यात्रा का गांव में कई जगह स्वागत किया गया। पूर्णाहुति के बाद महाप्रसादी का वितरण किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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