आलोट। समीपस्थ ग्राम शेरपुरखुर्द में नूतन निर्मित शिखर बद्ध जिनालय में अभिनंदन स्वामी, गौतम स्वामी, दादा गुरुदेव जिन कुशल सूरी जी आदि की महामंगलकारी अंजनशलाका का विधान शुक्रवार-शनिवार रात्रि में पन्यास प्रवर विनय कौशल मुनि व गुरुवर्या चंदनबाला श्रीजी द्वारा करवाया गया। रविवार तड़के नूतन परमात्मा के प्रथम दर्शन भगवान की प्रथम देशना व 108 अभिषेक का आयोजन हुआ। शुभ मुहूर्त में प्रतिष्ठा का विधान प्रारंभ हुआ। दोपहर में शांति स्नात्र महापूजा का आयोजन हुआ।

विनीता नगरी में विनय कुशल मुनि जी व गुरुवर्या चंदनबाला श्रीजी की निश्रा में धर्मसभा हुई। सभा में विनय कुशल मुनि जी द्वारा शांति पाठ करवाया गया। इसके पश्चात मंदिर निर्माण कराने वाले दानदाता रतनचंद लोढ़ा, भूमि दाता परिवार के नितेश, प्रियंका बांठिया का बहुमान मालवा खरतरगच्छ संघ की ओर से अध्यक्ष बसंतसिंह श्रीमाल, सुरेश बांठिया, डा. सुनील चोपड़ा ने किया। आलोट श्रीसंघ की ओर से अनिल देसरला, पारस देसरला, बलवंत राज जैन, प्रफुल्ल मेहता, संतोष चत्तर, राकेश जैन ने बहुमान किया। आभार मंदिर निर्माण के प्रेरक शांतिलाल गोलेछा ने माना। इस अवसर पर ब.डी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कामली भेंट की

शांतिलाल गोलेछा, रतनचंद लोढ़ा, उनके परिवार के सदस्यों ने विनय कुशल मुनि जी व गुरुवर्या चंदनबाला श्रीजी को कामली ओढ़ाई। विनय कौशल मुनि ने साधु मंडल के साथ रतलाम की ओर विहार किया। चंदनबाला श्रीजी साध्वी मंडल के साथ विहार करते हुए देर शाम नागेश्वर तीर्थ पहुंची। संघ के महानुभाव व नागेश्वर दादावाड़ी तीर्थ पीढ़ी के ट्रस्टी सदस्यों द्वारा उनकी अगवानी की गई।

आज होगा समापन

अंजनशलाका प्रतिष्ठा सह अष्टा-किा महोत्सव का समापन द्वार उदघाटन, सत्तर भेदी पूजन, गुरुदेव पूजन के साथ होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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