रतलाम। आचार्य उमेशमुनि जी के शिष्य प्रवर्तक जिनेंद्रमुनि जी की आज्ञानुवर्तिनी प्रवचन प्रभाविका साध्वी प्रवीणा श्रीजी, ज्योतिप्रभा जी, शुभोदया जी, रक्षा जी, हर्षिता जी, सियल जी का रविवार को शहर के 80 फीट रोड स्थित नमो नमः रेसीडेंसी पर मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए प्रवचन प्रभाविका साध्वी प्रवीणाश्रीजी ने कहा कि जिनवाणी समान रूप से बरसती है, जिसकी जितनी पात्रता होती है उतना वह ग्रहण करता है। अपने भावों के अनुसार व्यक्ति जिनवाणी ग्रहण करता है और अपने-अपने भावो के अनुसार जीव फल को प्राप्त करता है। साध्वीजी ने कहा कि जो दूसरे का बुरा करता है, उससे दूसरे का बुरा हो या नहीं, लेकिन बुरा करने वाले का बुरा अवश्य होता है।

श्री धर्मदास जैन श्रीसंघ के प्रचार सचिव ललित कोठारी ने बताया कि 80 फीट रोड के पहले साध्वी मंडल ने शहर की अमलतास कालोनी, नजरबाग, काटजू नगर, कस्तूरबा नगर में महती धर्म प्रभावना की। रविवार को साध्वी मंडल की अगवानी के लिए श्रावक-श्राविकाएं व बच्चे कस्तूरबा नगर पहुंचे। मंगल प्रवेश यात्रा के दौरान श्रावक-श्राविकाएं व बच्चों ने श्रमण भगवान महावीर स्वामी, आचार्य उमेशमुनि जी, प्रवर्तक जिनेंद्रमुनि जी, साध्वी प्रवीणा श्रीजी, ज्योतिप्रभा जी व साध्वीवृंद की जय-जयकार और गुरु गुणगान किया। थांदला के नंदन कोटि-कोटि वंदन, संयम इनका सख्त है, तभी तो लाखों भक्त है, श्रमण संघ की शान है, उमेश गुरु महान है आदि जयघोष के साथ प्रवेश यात्रा कस्तूरबा नगर, रोटरी गार्डन आदि विभिन्ना मार्गों से होती हुई 80 फीट रोड स्थित नमो नमः रेसीडेंसी पहुंची। श्रावक-श्राविकाओं व बच्चों ने साध्वी मंडल की सामूहिक वंदना कर विहार की सुख साता पूछी।

सामायिक का लाभ बताया

सामायिक के लाभ बताते हुए साध्वी शुभोदया जी ने कहा कि सामायिक में साधक छह काय जीवों को अभयदान देता है, वह व्यसनमुक्त रहता है, शांति समाधि व संस्कार को प्राप्त करता है। समता भाव का अभ्यास होता है। दुश्मन भी (सामायिक काल में) शांत हो जाता है। साध्वी रक्षाजी ने कहा कि साधक का लक्ष्‌य होता है जिनवाणी सुनना व उसे आचरण में उतारना। हमें चातुर्मास में एक नई शुरुआत करना है। हमें ऐसी आराधना करना है कि हमारे विकार और राग-द्वेष घटते जाए। गुरु सान्निाध्य व जिनवाणी श्रवण का लाभ लेना है और जिनवाणी को चारित्र में उतारना है। प्रभावना व गौतम प्रसादी का लाभ केशरबाई मोतीलाल भंडारी परिवार व पीपाड़ा परिवार ने लिया। संचालन अणु मित्र मंडल के राजेश कोठारी ने किया। साध्वी प्रवीणा श्रीजी आदि ठाणा-छह का इस वर्ष वर्षावास श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल नौलाईपुरा स्थानक पर होगा। उल्लेखनीय है कि वर्षावास 13 जुलाई से प्रारंभ होगा। वर्षावास के पूर्व साध्वी मंडल शहर की विभिन्ना कालोनियों में धर्म प्रभावना कर रही हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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