जावरा। जावरा-ताल टू लेन पर हाटपिपलिया स्थित आष्टापद तीर्थ पर आचार्य पीयूषसागर जी एवं अष्टापद तीर्थ प्रेरिका साध्वी जिनशिशुप्रज्ञाश्री जी के सान्निध्य में 22 से 26 मई तक चल रहे दीक्षा महोत्सव में विभिन्ना धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। इसमें श्रद्धालु बढ़-चढ़कर भाग ले रहे है। दीक्षार्थी दर्शना तातेड़ अकोदिया मंडी एवं साक्षी काकरिया धुलिया, महाराष्ट्र को बुधवार को दीक्षा प्रदाता आचार्य पीयूषसागर जी एवं दीक्षा प्रेरिका साध्वी जिनशिशुप्रज्ञाश्री ने विधि-विधान से बुधवार को शुभ मुहूर्त में दीक्षार्थियों को दीक्षा दिलाई। दीक्षा के बाद दीक्षार्थी दर्शना तातेड़ साध्वी शुद्धात्म निधिश्री जी एवं साक्षी काकरिया साध्वी शाश्वतनिधिश्री जी के नाम से पहचानी जाएंगी।

धर्म के लिए समय निकालोगे तो ही मनुष्य जन्म सफल होगा

साध्वी जिनशीशुप्रज्ञाश्री जी ने कहा कि जो अच्छे पुण्य करता है, उसे मनुष्य जन्म प्राप्त होता है। मनुष्य जन्म साकार करने के लिए धर्म के मार्ग पर चलना होगा। जो व्यक्ति धर्म के मार्ग पर चलता है, उसे जीवन में परेशानियों का सामना भी कम करना पड़ता है। जिनके पुण्य कर्म उदय होते हैं, वे सांसारिक जीवन का मोह छोड़कर संयम की राह पर निकल पड़ते हैं। ऐसी ही मुमुक्षु दर्शना तातेड़ व साक्षी काकरिया ने दीक्षा ग्रहण कर धर्म के मार्ग को अपनाया। हमें इस आपाधापी के युग में परिवार एवं धर्म के लिए समय निकालना चाहिए, न कि पैसे कमाने की होड़ में। न परिवार पर ध्यान न धर्म के प्रति समय नहीं मिल पाने के कारण लोगों में शांति का वातावरण नहीं दिखता है। मन की शांति के लिए धर्म के लिए समय निकालना होगा, तभी आपका मनुष्य जीवन सफल होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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