नामली/सिखेड़ी। दो दिनों से क्षेत्र में मूसलधार वर्षा से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। क्षेत्र की कई पुल-पुलियाओं, रपटों के ऊपर पानी बहने से आवागमन अवरुद्ध है। खेतों में जलजमाव से किसानों को सोयाबीन की फसल गलने की चिंता सता रही है। तेज वर्षा से सिखेड़ी की गंगायता नदी मंगलवार को दिनभर उफान पर रही। इससे गांव का नामली ,रतलाम, जावरा से संपर्क कटा रहा। कई लोगों ने जरूरी काम के चलते जान जोखिम में डालकर नदी पार की। गांव में कच्चे मकान की दीवार भी भरभराकर गिर गई। 16 अगस्त को शासन के निर्देशानुसार स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्‌य मे ग्रामसभा की बैठक भी नहीं हो पाई। पुलिया पर पानी होने की वजह से शासकीय कर्मचारी पंचायत भवन नहीं पहुंच सके।

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हेवड़ा दामा कलां में गिरा मकान

बाजना। क्षेत्र में सोमवार रात से हो रही झमाझम वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं। ग्राम हेवड़ा दामा कलां निवासी स्व. दिनेश परथा का मकान गिर गया। संयोग से कोई जनहानि नहीं हुई। वार्ड के पंच पति राजू डामर ने बताया कि दिनेश व उसकी पत्नी की कुछ माह पूर्व ही बाइक से एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई थी। उसके बालक-बालिका दादा परथा (प्रताप) डामर के पास रह रहे हैं।

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लबालब होकर छलक रहे जलस्रोत

सरवन। क्षेत्र में सोमवार रात से ही सतत वर्षा हो रही है। इससे चारों ओर पानी ही पानी हो गया। क्षेत्र के समस्त जलस्रोत लबालब होकर छलक रहे हैं। गांव की बुंदन नदी भी पूरे वैग से बह रही है। सतत वर्षा होने से कइ खेत भी तालाब बन गए हैं। सतत वर्षा होने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कच्चे-पक्के मकानों की छतें टपकना शुरू हो गई हैं। रात भर हुई वर्षा से सरवन का महेंद्र सागर भी लबालब होकर छलक उठा।

खतरे के निशान पर पहुंचा जलस्तर

करिया। क्षेत्र में पिछले चौबीस घंटे से झमाझम वर्षा का क्रम चल रहा है। रुक-रुककर कभी तेज तो कभी धीमी गति से वर्षा हो रही है। इससे चारों तरफ पानी की रेलमपेल मच गई। क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों में शामिल गांव का हनुमान सागर तालाब लबालब होकर जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। इस दौरान वेस्टवियर से भी पूरी क्षमता से जल निकासी हो रही है।

जोरदार वर्षा से पुलिया बही

ढोढर। समीपस्थ ग्राम चिकलाना के रोग्यादेवी मार्ग पर 4.73 लाख की लागत से बनी पुलिया मौसम की पहली जोरदार वर्षा में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया के दोनों ओर भरे हुए अप्रोच रोड पानी के तेज बहाव में बह गए। सीमेंट से बनी पाल भी क्षतिग्रस्त हो गई। ग्राम चिकलाना के वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेंद्रसिंह चंद्रावत ने बताया कि शासन के 15वें वित्त आयोग के माध्यम से रोग्यादेवी पर पुलिया का निर्माण करवाया गया था। उक्त निर्माण ग्राम पंचायत के सचिव तथा विभाग के उपयंत्री की देखरेख में हुआ था। पुलिया निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया। इसके चलते पहली ही बारिश में पानी के बहाव में बह गई। उक्त पुलिया आवागमन के लिहाज से महिलाओं, बच्चों को विद्यालय जाने के लिए प्रमुख मार्ग है। पुलिया के नीचे मुख्य मार्ग पर जो रपट बनी हुई है। वह काफी नीचे होने की वजह से वर्षा के पानी में डूब जाती है। इससे इस पुलिया पर से ही आवागमन होता है। चंद्रावत ने बताया कि उक्त पुलिया के दोनों ओर मुरम की जगह काली मिट्टी भरकर शासन को लाखों रुपये का चूना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिया के अंदर जो पाइप डाले गए हैं वह भी नियत व्यास से कम मोटाई के डाले गए हैं। इससे पानी का बहाव पूरी तरह पुलिया से निकल नहीं पा रहा है। इस संबंध में गांव में आई तहसीलदार चंदन तिवारी को भी चंद्रावत ने अवगत कराया। साथ ही जिला पंचायत सदस्य राजेश भरावा को भी फोन पर उक्त घटना की जानकारी दी। इस पर उन्होंने तत्काल कलेक्टर को शिकायत कर मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है।

सुखेड़ा में भारी वर्षा से जमकर मची तबाही

सुखेड़ा। सोमवार रात दो बजे से हो रही वर्षा से ग्राम की दोनों नदियां उफान पर आ गई। उफनती नदियों के किनारे छोड़ने से आधे गांव के घरों, दुकानों में पानी भर गया। मंगलवार सुबह सुखेड़ा के लोग जागे तो नजारा ही अलग दिखा। लोगों को पता चलते ही बचाव के साथ-साथ जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। दोनों नदियों की पुलिया पर पानी आने से दस हजार से अधिक आबादी वाले गांव का चारो तरफ से सड़क संपर्क बाधित हो गया। गांववासी चारों तरफ से घिर गए। रोजड़ी नदी के आसपास के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, बस स्टैंड, तेली घाटी, राजस्थान मार्ग स्थित निजी दुकानों, मकानों में पानी घुस गया। निनोर नदी के उफान के चलते रोकड़िया हनुमान मंदिर, कालका माता मंदिर, लक्ष्‌मण मंदिर सहित अनाज व्यापारियों की दुकानें, मुक्तिधाम, शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय आधे से अधिक पानी में डूब गए। सात घंटे से अधिक समय तक पुलिया पर पानी के चलते सुखेड़ा का जिला, तहसील मुख्यालय सहित राजस्थान से सड़क संपर्क बाधित रहा। पुलिया पर पानी होने के कारण शासकीय व निजी विद्यालय सहित बैंकों में अघोषित अवकाश हो गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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