रतलाम। जिला स्तरीय जादू नहीं विज्ञान समझना और समझाना आसान है। कार्यक्रम के अंतर्गत हाईस्कूल में विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों का जिला स्तरीय आनलाइन प्रशिक्षण हुआ। विभिन्ना अंधविश्वासों की विज्ञानिक व्याख्या की गई। नवाचार के तहत कक्षा 10वीं बोर्ड के सैद्धांतिक और प्रायोगिक सिलेबस से जुड़े प्रयोग भी सिखाए।

एडीपीसी रमसा अशोक लोढ़ा ने बताया कि जिला विज्ञान अधिकारी गजेंद्रसिंह राठौर के नेतृत्व में प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तर से प्राप्त गतिविधि पुस्तिका के आधार पर चमत्कारिक ढंग से स्वागत सामग्री प्रकट करना, नीबू से खून निकलना, नारियल में पानी से आग लगना, अपने आप आग प्रकट होना, रसायनों से रंग बदलना, गैसों का चमत्कारिक तरीके से निकलना आदि चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या की गई।

अनिल मिश्रा और गिरीश लहवासिया ने इन चमत्कारों की विज्ञानिक व्याख्या के साथ-साथ विस्थापन अभिक्रिया, संयोजन अभिक्रिया, द्विविस्थापन, लिटमस टेस्ट, धातुओं के गुणों से संबंधित चमत्कारिक प्रयोग भी दिखाए। जिनकी व्याख्या प्राचार्य संध्या वोरा ने की। कार्यक्रम समन्वयक जितेंद्र जोशी ने बताया कि आनलाइन हुई इस दो घंटे चली गतिविधि से जिले के 186 में से 173 हाईस्कूल के विज्ञान शिक्षक जुड़े, जो कि एक रिकार्ड है। जिला शिक्षा अधिकारी केसी शर्मा ने बताया कि आयुक्त लोक शिक्षण के निर्देशानुसार ये गतिविधि विद्यालय स्तर पर हाईस्कूल के समस्त बच्चों के बीच होगी। इससे उन्हें न सिर्फ चमत्कारों के पीछे छिपे विज्ञान की जानकारी होगी, अपितु आगामी परीक्षा की तैयारी में भी मदद मिलेगी। चयनित बच्चे ब्लाक और जिला स्तर पर भाग लेंगे। आनलाइन प्रशिक्षण के आयोजन में जिला विज्ञान अधिकारी गजेंद्रसिंह राठौर और व्याख्याता आरसी मईड़ा ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local