रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आज नवपद शाश्वत ओलीजी का नौवां अर्थात अंतिम दिन है। तप धर्म की आराधना कर निकाचित कर्म का क्षय करना चाहिए। तप कर्म निर्जरा का अनुपम आनंद देने वाला होता है। निकाचित कर्म का क्षय होने से अनेक लब्धियां और भौतिक सुख की प्राप्ति होती है। आत्मा को अनंत सुख का आनंद तप से ही प्राप्त होता है। तप रूपी मंगल से सब मंगल ही मंगल होता है। जो तप करेगा उसे ही धर्म का मंगल प्राप्त होगा।

यह बात लोकसंत आचार्य जयंतसेन सूरीश्वर जी की आज्ञानुवर्ती साध्वी पुण्यदर्शना श्रीजी की सुशिष्या विरति दर्शना श्रीजी ने नीमवाला उपाश्रय में श्रावक-श्राविकाओं व ओलीजी आराधकों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि निर्दोष आहार से किया गया तप ही धर्म है। समभाव नहीं हो तो तप का अजीर्ण होता है। तप का अजीर्ण क्रोध है। उपवास कर भौतिक सुख साधनों का उपयोग तप बंध का कारण बनता है। प्रभावना की आशा लेकर किया गया तप धर्म नहीं है। तप धर्म को आचरण में लाने वाला ही कर्मों का आवरण हटाता है। ज्ञानियों ने ब्रह्मचर्य को सबसे ऊपर बताया है। सिद्धचक्र की आराधना से समृद्धि मिलती है, मोक्ष प्राप्त होता है। प्रवचन प्रभावना का लाभ श्रेणिककुमार संदीपकुमार सकलेचा जावरा वाला ने लिया। धर्मसभा मे डा. निर्मल मेहता, अभय सकलेचा, सुरेंद्र गंग, सोहनलाल मूणत, सुनील कुमार गांधी, बाबूलाल कटारिया, दिनेश चोपड़ा सहित कई श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे। जानकारी प्रवक्ता निर्मल कटारिया ने दी।

धर्मदास गणनायक ने 2022 में मालवा पधारने की स्वीकृति दी

मालव केसरी गुरुदेव सौभाग्यमल जी के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक प्रकाशमुनि जी ने अनेक श्रीसंघों की विनती को स्वीकार करते हुए 2022 में मध्यप्रदेश में पधारने की स्वीकृति नासिक में प्रदान की। यह घोषणा से सभी श्रीसंघों में हर्ष की लहर व्याप्त हुई। साथ ही उपस्थित जनसमूह ने गुरुदेव की जयकार लगाते हुए प्रवर्तकश्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।प्रवर्तकश्री अनेक वर्षों से महाराष्ट की धरा पर विचरण कर रहे हैं। मुनिश्री के सान्निाध्य में रतलाम, इंदौर, राजगढ़, धार, नागदा, बदनावर, ताल, खाचरौद, जावरा, उज्जैन, कल्याणपुरा, लिमड़ी, दाहोद के पदाधिकारी गुरुदेव की सेवा में आगामी चातुर्मास करने व दीक्षा प्रसंग मालवा में कराने की भावना लेकर नासिक पहुंचे। आगामी वर्ष में प्रवर्तकश्री के सान्निाध्य में अनेक मुमुक्षु आत्माएं संसार का त्याग कर सयंम अंगीकार करेंगी। रतलाम श्रीसंघ ने दीक्षा रतलाम में कराने की भावना गुरुदेव के समक्ष रखी। सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल के महामंत्री सौम्य चत्तर ने बताया कि पर्युषण समाप्ति के पश्यात रतलाम का युवक मंडल भी गुरुदेव के दर्शनार्थ बड़ी संख्या में नासिक पहुंचकर रतलाम पधारने की विनती के साथ दीक्षा प्रसंग रतलाम में हो इस हेतु आग्रह किया था। रतलाम से मूलचंद चोपड़ा, रखब चत्तर, नीलेश मेहता, राजेश बोरदिया, मनीष मंडलेचा, संदीप चौरडिया, अतुल दख, विनोद मूणत, वीरेंद्र पितलिया, विकास मेहता, अरुण मूणत, केतन गांधी, हर्ष मेहता, तन्मय मेहता आदि उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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