मालवा-निमाड़। लंबी खेंच के बाद अंचल में कई स्थानों पर रविवार को बारिश हुई। इससे फसलों को फायदा होगा, वहीं बिजली गिरने से रतलाम जिले में तीन लोग, झाबुआ और उज्जैन जिले में एक-एक की मौत हो गई। कुछ स्थानों पर पेड़ भी गिरे हैं।

रतलाम जिले में आकाशीय बिजली गिरने से अलग-अलग स्थानों पर पिता-पुत्र सहित तीन लोगों की मौत हो गई। रविवार शाम करीब चार बजे आलोट के समीप नागेश्वर उन्हेल थाना क्षेत्र के ग्राम बिलखेड़ी मे बिजली गिरने से गोविंदसिंह और उसके पिता भेरूसिंह की मौत हो गई।

उन्हेल थाना प्रभारी राजपालसिंह ने बताया कि गोविंद व उसके पिता भेरूसिंह खेत पर काम कर रहे थे, तभी उन पर आकाशीय बिजली गिर गई। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इधर रतलाम जिले के ग्राम हतनारा में बिजली गिरने से राधाबाई पति पवन पाटीदार (32) निवासी ग्राम हतनारा की मौत हो गई।

राधाबाई दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सास सीताबाई के साथ खेत पर काम कर रही थी। तभी राधाबाई पर बिजली गिरी, जिससे वह अचैत हो गई। जिला अस्पताल लाने पर उन्हें डॉक्टर ने मृत घोषित किया। वहीं जैन तीर्थ नागेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर परिसर में भी बिजली गिरी। इससे पेड़ों पर बैठे अनेक पक्षियों की मौत हो गई।

बिजली गिरने से बालक की मौत

झाबुआ। जिले में शनिवार रात व रविवार सुबह बारिश का दौर चला। इससे फसलों में जान आ गई है। जिले में अब तक 375 मिमी यानी 15 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है जबकि पिछले वर्ष अब तक 13 इंच ही पानी बरसा था। परवलिया क्षेत्र के बैड़ावा गांव में शनिवार रात बिजली गिरने से अरविन्द पिता कमला गरवाल (12) की मौत हो गई। इसके अलावा आंधी से परवलिया में दो पुराने पेड़ धराशायी हो गए।

उज्जैन के तराना की इंदिरा कॉलोनी निवासी प्रभुलाल (40) की मौत हो गई है और दो झुलस गए। इधर, खरगोन, बड़वानी, धार में भी बारिश हुई।

खरगोन जिले में बिना बारिश के रास्ते थमे और नदी में आई बाढ़

सेगांव। रविवार को यहां से 9 किलोमीटर दूर तलकपुरा गांव में दिवाली नदी में अचानक बाढ़ का पानी बह निकला। गांव में बिना बारिश के यह पहली बार हुआ जब अचानक नदी में बाढ़ आ गई। सेगांव में नागरिक इस बाधित हुए मार्ग से बेखबर थे।

उल्लेखनीय है कि रविवार देर शाम अचानक खंडवा-बड़ोदरा राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। लगभग दो घंटे बाद पूछताछ में पता चला कि तलकपुरा के पुल पर बाढ़ का पानी है जबकि इस क्षेत्र में बारिश हुई नहीं। ज्ञातव्य है कि रविवार को ही सतपुड़ा अंचल के भगवानपुरा व अन्य क्षेत्रों में बारिश हुई थी। यही बारिश का पानी बहकर दक्षिण से उत्तर की ओर इस नदी में पहुंचा। यहां लगभग चार घंटे यातायात बाधित रहा।

जुलवानिया से ओमकारेश्वर जा रहे तीर्थयात्री श्रीकृष्ण शर्मा ने बताया कि वे लगभग दो घंटे तक नदी के किनारे खड़े रहे। बाढ़ का पानी पुल पर होने के कारण वह वापस अपने साथियों के साथ गांव लौट आए। इधर अजय चौहान ने बताया कि वह खरगोन जाना चाहते थे परंतु लगातार बाढ़ होने के कारण वे खरगोन नहीं जा सके।

हर साल होता है बाधित

निमाड़ क्षेत्र में खंडवा-बड़ोदरा राजमार्ग है। इस मार्ग पर लगभग 400 से अधिक वाहनों की प्रतिदिन आवाजाही होती है। पिछले 15 वर्षों से लगातार इस मार्ग पर छोटी पुल पुलिया पर पक्के और बड़े पुलों के निर्माण मांग की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों से कुछ छोटे पुल पुलिया पर निर्माण का काम आधा अधूरा पड़ा है। नागरिकों में आक्रोश है कि बारिश के दिनों में अक्सर यह राजमार्ग बंद हो जाता है।

गौरतलब है कि खरगोन मुख्यालय से बड़ी संख्या में प्रतिदिन नागरिक अपने परिजनों के उपचार के लिए बड़ौदा व अहमदाबाद की यात्रा करते हैं। बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना इन मरीजों को करना पड़ता है। नागरिकों ने मांग की है कि इस मार्ग पर छोटी पुल पुलिया ओं के स्थान पर बड़े पुलों का निर्माण तत्काल किया जाए। रात लगभग 9:00 बजे बाद आवागमन धीरे-धीरे इस मार्ग पर शुरू हुआ।