VIDEO: रतलाम। जिला मुख्यालय से करीब बीस किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पल्दुना में युवक शराब के नशे में बीएसएसएन के दो सौ फीट से ज्यादा ऊंचे टावर पर चढ़ गया। वह टावर के सबसे ऊपर लगे प्लेटफार्म पर पहुंचकर इधर-उधर देखता वह घूमने लगा। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दल ने मौके पर पर पहुंचकर समझाइश देकर उसे नीचे उतारा। उसका कहना है कि टावर उसने बनाया था। उस पर यह देखने चढ़ा था कि वह कैसे बना है।

पल्दुना के किसान राकेश धाकड़ ने नईदुनिया को बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे 45 वर्षीय प्रभु मईड़ा पुत्र मंजी मईड़ा निवासी ग्राम कागलीखोरा थाना बाजना गांव में मजदूरी करता है। शाम करीब पांच बजे वह अचानक टावर के ऊपर चढ़कर बैठ गया। कभी वह प्लेटफार्म पर इधर-उधर घूमता तो कभी पैर नीचे लटकाता। कभी नीचे देखता तो कभी ऊपर देखने लगता। कभी ताली बजाते हुए हाथ ऊंचे करता रहा।

गांव के लोग टावर के आसपास पहुंचे। उसके ऊपर चढ़ने की सूचना नामली थाना पर दी गई। एएसआइ बीएस बामनिया दल के साथ वहां पहुंचे। पुलिस को पता चला कि वह शराब के नशे में है। पुलिस ने उसे आवाज लगाना उचित नहीं समझा। यदि आवाज लगाते तो वह नीचे गिर या कूद सकता था। वह किसी को ऊपर नहीं आने की धमकी दे सकता था।

इन बातों को ध्यान रखकर प्रधान आरक्षक निरंजन त्रिपाठी धीरे-धीरे टावर पर चढ़कर प्लेटफार्म पर पहुंचे। प्रभु से पूछा कि क्यों चढ़ा है? तो उसने कहा कि टावर उसने बनाया है। यहां मजदूरी की है, देखने चढ़ा था टावर कैसे बना है। इसके बाद वे उसे समझाइश देकर नीचे लेकर आए व थाने ले गए। एएसआई बामनिया ने बताया कि वह शराब के नशे में था। उसके स्वजन को सूचना दी गई है। उनके अाने पर उसे उनके सुपुर्द किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रधान आरक्षक निरंजन त्रिपाठी को पुरस्कृत करने की मांग की है।

पहली बार चढ़े, नहीं लगा डर

प्रधान आरक्षक त्रिपाठी ने नईदुनिया को बताया कि प्रभु की जान बचाना उनका कर्त्तव्य था। इसलिए वे बगैर डरे वे धीरे-धीरे टावर पर चढे। जब वे ऊपर प्लेटफार्म पर प्रभु के पास पहुंचे तो वह खड़ा हुआ था। उससे पूछा कि टावर पर क्यों चढ़ा है? उसने कहा कि टावर उसने बनाया है, देखने चढ़ा था। उसे समझाया कि उनके साथ नीचे चलो। चाय पीएंगे व नीचे ही बात करेंगे। इस प्रकार उसे समझाकर नीचे लेकर आया। यह पहला अवसर है जब वे इतने ऊंचे टावर पर चढ़े।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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