रतलाम/नामली। बलिदानी लांस नायक कन्हैयालाल की अंतिम विदाई का क्षण उस समय भारत माता की जय और शहीद अमर रहे के नारों से गूंज उठा जब उनकी पत्नी सपना चौधरी ने उन्हें सैल्यूट कर श्रद्धांजलि दी। यह देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई, लेकिन इस बात का गर्व भी रहा कि गुणावद गांव के युवा ने देश की सेवा में अपनी जान न्यौछावर कर दी।

रतलाम के ग्राम गुणावद निवासी लांस नायक कन्हैयालाल की सिक्किम में 22 मई को हादसे में मौत के बाद बुधवार को शव गुणावद लाकर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सुबह आठ बजे सैन्य दस्ता सम्मानपूर्वक कन्हैयालाल का शव लेकर गांव पहुंचा।

रास्ते में ग्राम कलोरी, सेमलिया व गुणावद में युवाओं, ग्रामीणों द्वारा सेना के शव वाहन पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि दी और अमर शहीद के नारे लगाए। सैन्य दस्ते के पीछे बड़ी संख्या में युवा दो पहिया वाहन लेकर वंदे मातरम के नारे लगाते हुए रैली के रूप में गांव पहुंचे। शव गुणावद में घर लाने के बाद स्वजनों ने अंतिम दर्शन किए। 8.30 बजे बैंडबाजों के साथ गांव के मुख्य मार्गो से अंतिम यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी पहुंचे।

जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, स्वजनों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुक्तिधाम पर कन्हैयालाल के भाई बलराम जाट व कन्हैयालाल की छोटी पुत्री किंजल ने मुखाग्नि दी। उच्च शिक्षा मंत्री डा मोहन यादव, सांसद गुमानसिंह डामोर, रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना, सांसद प्रतिनिधि बाबूलाल कर्णधार, प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश भरावा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, शेरू पठान आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

जेबकतरे भी सक्रिय

अंतिम यात्रा में जेबकतरे भी सक्रिय रहे। नामली निवासी महेंद्र कुमावत की जेब कट गई। उनकी जेब में रखे पर्स में करीब 1500 रुपये थे।

Posted By: Prashant Pandey

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