Coronavirus Rewa News : रीवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। संजय गांधी अस्पताल में कोरोना संदिग्ध युवक की मौत के बाद शव बदलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कोरोना संदिग्ध 22 वर्षीय मृतक के शव की जगह स्वजन को तकरीबन 75 वर्ष के वृद्ध का शव दिखाया गया। स्वजन के आरोप है कि वृद्ध के शव को बैग में पैक कर युवक का नाम और फोटो चस्पा किया गया।

पांच अगस्त को विवेक कुशवाहा (22) को बुखार आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक की मां शिवखोला कुशवाहा ने बताया कि विवेक को बुखार व निमोनिया की शिकायत थी। उसे छह अगस्त को गंभीर रोगी वार्ड में शिफ्ट किया गया। दूसरे दिन बताया गया कि वह कोरोना संदिग्ध है, जिस पर उसे कोरोना वार्ड में भर्ती किया गया। आठ अगस्त को उसकी मौत हो गई।

इसकी सूचना उन्हें नौ अगस्त को दी गई। 10 अगस्त को जब वह बेटे का शव देखने अस्पताल पहुंचीं तो उन्हें बैग में बंद शव दिखाया गया। इस पर उनके बेटे का नाम व फोटो लगी थी। जब खोल कर देखा तो वह वृद्ध का शव निकला। इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की गई और जिला प्रशासन सहित पुलिस को भी सूचना दी गई।

इसलिए हुई यह घटना किसी भी कोरोना मरीज की मौत हो जाने के बाद उसे अस्पताल का कर्मचारी न तो छूता है और न ही कमरे में जाता है। इसके लिए नगर निगम के सफाई कर्मचारी ही वार्ड में जाते हैं। शव को बैग में पैक कर उस पर फोटो और टैग लगाते हैं। इस मामले में टैग लगाने में गलती ननि कर्मचारियों से हुई है।

युवक विवेक के मामले में संजय गांधी अस्पताल द्वारा लापरवाही की गई है। मामले की जांच कराई जा रही है, जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. इलैयाराजा टी, कलेक्टर रीवा

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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