रीवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। लोकायुक्त की कार्रवाई की सुनवाई करते हुए विद्वान न्यायाधीश द्वारा पटवारी को चार वर्ष की सश्रम कारावास व चार हजार अर्थदंड से दंडित किया गया है। उक्त फैसला गत 18 जनवरी को लोकायुक्त विशेष न्यायालय ने सुनाया है। बताया गया है कि सिरमौर तहसील के पटवारी हल्का पनगड़ी कला के तत्कालीन पटवारी रामबहोर साकेत को नामांतरण के एवज में एक हजार रुपये की रिश्वत लेते रीवा लोकायुक्त ने पकड़ा था।बताया गया है कि न्यायालय में चालान पेश करने के बाद धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में तीन वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रुपये का अर्थदंड और धारा 13,(1) डी सहपठित 13 (दो) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में 4 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

क्या था मामला : मिली जानकारी में बताया गया है कि विशेष गौतम पुत्र गोपिका गौतम निवासी कठमन थाना गढ़ ने रीवा लोकायुक्त एसपी से शिकायत की थी कि भूमि का नामांतरण उपरांत इस्तलाबी कराने के एवज एक हजार रुपये की रिश्वत पटवारी मांग रहा है। लेकिन बिना रिश्वत लिए काम करने को तैयार नहीं है। ऐसे में गत 16 मार्च 2017 को जवाहर नवोदय विद्यालय सिरमौर परिसर से पनगड़ी कला के तत्कालीन पटवारी रामबहोर साकेत को रिश्वत के साथ धर दबोचा गया था। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा का प्रकरण दर्ज कर विशेष न्यायालय रीवा में ट्रायल चला। जहां पटवारी पर दोष सिद्ध होने के बाद 4 वर्ष की सश्रम कारावास व 4 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

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विशेष न्यायालय में पटवारी का चालान प्रस्तुत किया गया था जहां पर हुई सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय द्वारा उसे चार वर्ष का सश्रम कारावास एवं 4000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

- गोपाल धाकड़, एसपी, लोकायुक्त संगठन रीवा

Posted By: Brajesh Shukla

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