रीवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। चोरी की लकड़ी छोड़ने तथा केस ना दर्ज करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे वनरक्षक को लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार की देर दोपहर गोविंदगढ़ परी क्षेत्र में छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद जहां वनरक्षक को जमानत पर रिहा कर दिया गया है वहीं वनरक्षक आशीष यादव के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में ले लिया है। राम विश्वकर्मा की लकड़ी को एक कर्मी ने पकड़ लिया था। इसे छोड़ने तथा केस दर्ज करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी राम विश्वकर्मा द्वारा इसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा में की गई थी उक्त शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई की गई है।

क्या है मामला : लोकायुक्त एसपी गोपाल धाकड़ ने बताया कि शुक्रवार की देर दोपहर को आरोपित आशीष यादव पिता जगदीश प्रसाद यादव 32 वर्ष, ग्राम- गुझियारी टोला, वार्ड नं 09 , गोविंदगढ़ जिला रीवा, पद- वनरक्षक, वन चौकी गोविंदगढ़, जिला रीवा को 6000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। आरोपित आशीष यादव द्वारा शिकायतकर्ता राम विश्वकर्मा निवासी ग्राम- , पोस्ट बंसा थाना गोविंदगढ़ जिला रीवा से लकड़ी चोरी का केस नहीं बनने के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी, जिसमें से चार हजार रुपये 21 नवम्बर 2021 को ले लिए थे, शेष 6000 रुपये की रिश्वत शिकायतकर्ता से लेते समय फारेस्ट क्वार्टर में शुक्रवार को आरोपित आशीष यादव को रंगे हाथ पकड़ा गया है।

कार्रवाई में ये रहे शामिल : उक्त कार्रवाई में निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार द्वारा अन्य स्टाफ उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार, निरीक्षक रंजित सिंह राजपूत, निरीक्षक राजेश कोहरिया प्रधान आरक्षक मुकेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक सुरेश कुमार, आरक्षक सुजीत कुमार, पवन पांडेय, धर्मेंद्र जायसवाल सहित 15 सदस्यीय दल शामिल रहा।

Posted By: Brajesh Shukla

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