रीवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति भाषणमाला में नई शिक्षा नीति और हमारी भूमिका विषय पर मुख्य अतिथि के तौर पर उद्बोधन में प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि विद्यार्थियों व शिक्षकों के मन में राष्ट्रप्रेम व स्वाभिमान की भावना होनी चाहिए। इसके साथ ही नई शिक्षा नीति में शोध परक शिक्षा पर जोर देना आवश्यक है। तभी नये भारत का निर्माण होगा। राज्यपाल ने कहा कि हमारी शिक्षा का गौरवशाली इतिहास रहा है। नालंदा व तक्षशिला शिक्षण संस्थान प्राचीन भारत के शिक्षा के आधार स्तंभ रहे हैं। हमारी शिक्षा व्यवस्था में गुरुकुल का विशेष महत्व था। ज्ञान का भंडार हमारे वेदों में निहित है। विदेशी आक्रमण के बाद मनीषियों में वैचारिक चिंतन की शुरुआत हुई।

उन्होंने कहा कि विद्वता व उद्यमिता के समन्वय से युवा अपना भविष्य संवार सकते हैं। इसिलए आवश्यक है कि व्यावहारिक शिक्षा को भी नई शिक्षा नीतियों में समाहित किया जाये। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा प्राप्ति के बाद नये जीवन की शुरूआत होती है। हमारी अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है। अपनी मेघा का इस्तेमाल कर बुद्घि व पौरूष से कुछ करने की तमन्ना होनी चाहिए। कौशल विकास व स्टार्टअप जैसे नवाचार युवाओं को स्वयं उद्यम स्थापना में सहायक हो रहे हैं। विद्यार्थियों के सामने विकल्प खुले हैं। वह समग्र में अपने भविष्य को सुखद बनाने का सपना लेकर चिंतन करते हुए आगे बढ़ें और भारत को सर्वश्रेष्ठ देश बनाने में सहभागी बनें।

आदर्श शिक्षकों से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव

केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि नई शिक्षा नीति में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आदर्श शिक्षकों की नियुक्ति के प्रयास किये जा रहे हैं। अनिवार्य शिक्षा व शिक्षा के विकास में गुणवत्ता से समझौता न हो और समय पर शिक्षकों की कमी की पूर्ति की जाये। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मन में जिज्ञासा को लेकर ऊंचाइयां प्राप्त करें।

शिक्षा में अनुशासन जरूरी

सांसद जनार्दन मिश्र ने कहा कि उच्च शिक्षा प्रणाली में बहु अनुशासनात्मक प्रणाली होना आवश्यक है। रोजगार का सृजन बहुआयामी शिक्षा से ही संभव है। स्वायत्तता व अनुसंधान जैसे नवाचार शिक्षा नीति में जरूरी है। शिक्षकों, छात्रों व अभिभावकों को संयुक्त प्रयासों से ही नई शिक्षा नीति को ऊंचाइयां मिलेंगी।

जनता की भूमिका जरूरी

वरिष्ठ चिंतक व समाजसेवी भगवत शरण माथुर ने कहा कि नई शिक्षा नीति में जनता की भूमिका से ही सुधार होगा। शिक्षा देने वाले का आचरण, व्यवहार व अनुशासन से ही शिक्षा में गुणात्मक सुधार आ सकता है। कुलपति प्रो. पीयूषरंजन अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ल, विधायक गुढ़ नागेन्द्र सिंह, विधायक देवतालाब गिरीश गौतम, कमिश्नर रीवा संभाग डॉ. अशोक कुमार भार्गव, कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव, एसपी आबिद खान सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

दिया गया गार्ड ऑफ आनर

विश्वविद्यालय परिसर में राज्यपाल लालजी टंडन को गार्ड ऑफ आनर दिया गया। रीवा पहुंचे प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का चोरहटा हवाई पट्टी पर प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने भेंट कर आत्मीय स्वागत किए।