रीवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

धूम-धड़ाके वाला त्योहार दीपावली पर्व पर शहर की आवोहवा में भी इसका सीधा असर पड़ा है और प्रदूषण बोर्ड द्वारा लगाए गए यंत्र में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति पर नजर दौड़ाई जाए तो 33 प्रतिशत शहर का ध्वनि प्रदूषण पर्व के दौरान रहा है। हालांकि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 5 प्रतिशत ध्वनि प्रदूषण में कमी आई है। जिससे माना जा रहा है कि पटाखा चलाने में शहर के लोगों ने गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष उतना ज्यादा रुचि नहीं ली है। शहर के ध्वनि प्रदूषण एवं वायु प्रदूषण की स्थिति इस वर्ष 101 डीबीए रही है। गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लगभग 24 डीबीए की कमी आई है। गत वर्ष शहर की इस पर्व के दौरान 125 डीबीए मानक स्तर का ध्वनि एवं वायु प्रदूषण रहा है। पर्व के दौरान शहर के प्रदूषण मानक स्तर को देखने के लिए संबंधित विभाग द्वारा व्यवसायिक क्षेत्र, अस्पताल परिसर और आवासीय क्षेत्र नेहरू नगर में यंत्र लगाकर प्रदूषण की स्थिति को देखा गया। विशेषज्ञों की माने तो ध्वनि प्रदूषण भी मानव शरीर के लिए बेहद नुकसान देय होता है। 80 डीबीए के ध्वनि प्रदूषण में मानव के सिर पर इसका सीधा असर पड़ता है और उसमें चिड़चिड़ापन आने लगता है। जबकि 90 डीबीए मानक के प्रदूषण में सुनने की शक्ति कमजोर होने लगती है। तो वहीं 110 से 120 के बीच मानक डीबीए में त्वचा में सरसराहट एवं सिरदर्द बढ़ता है तो वहीं 130 से 135 मानक डीबीए में चक्कर आना, जी मचलाना जैसी समस्या शुरू हो जाती है। जबकि 150 डीबीए से ऊपर के ध्वनि एवं वायु प्रदूषण में त्वचा में जलन शुरू हो जाती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Independence Day
Independence Day