रीवा। कलेक्टर बंसत कुर्रे ने राजस्व अधिकारियों के प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व प्रकरणों के निराकरण की अत्यंत कम प्रगति पर गंभीर असंतोष व्यक्त किया और निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारी प्रकरणों का निराकरण पूरी तत्परता से करें अन्यथा राजस्व अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कलेक्टर श्री कुर्रे ने सीमांकन की अपेक्षित प्रगति न होने पर राजस्व निरीक्षकों को कारण बताओ नोटिस एवं सीआर चेतावनी देने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदारों द्वारा राजस्व प्रकरणों में पटवारी की रिपोर्ट न लगाने एवं गेंहू उपार्जन पंजीयन में सही गिरदावरी न करने पर तहसीलदारों को भी सीआर चेतावनी देने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ अर्पित वर्मा, अपर कलेक्टर इला तिवारी, एसडीएम संयुक्त कलेक्टर अरविंद कुमार झा सहित राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।

इन बिंदुओं पर हुई समीक्षा

कलेक्टर श्री कुर्रे ने अविवादित नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, आरसीएमएस, सीएम हेल्पलाइन एवं राजस्व वसूली के प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व वसूली का जिले का लक्ष्य 17 करोड़ 50 लाख है जबकि अब तक मात्र 15 प्रतिशत ही वसूली की गयी है। अभियान चलाकर राजस्व वसूली करें। उन्होंने कहा कि सीएम किसान योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को लाभांवित करें। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 34 सीमांकन ही कि ए गए हैं जबकि सीमांकन का लक्ष्य बहुत अधिक है। राजस्व अधिकारी सीमांकन करें। उन्होंने कहा कि गेहूं उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। गिरदावारी में अशुद्धता के कारण किसानों की खेती का कुछ भी पंजीयन किया जा रहा है। एक किसान ने अपनी भूमि 50 हेक्टेयर का पंजीयन कराया जबकि उसकी वास्तविक रूप से भूमि केवल 4 हेक्टेयर ही भूमि थी। राजस्व अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान दें। कलेक्टर ने कहा कि बहुत अधिक संख्या में ऐसे राजस्व प्रकरण है जिनका पीठासीन अधिकारी एवं रीडर ने पहली तारीख ही नही दी। डायवर्सन में डाटा एंट्री की जाए। राजस्व अधिकारी नक्शा-तरमीम में लगे और कार्रवाई करें। उन्होंने निर्माण कार्यो के प्रगति की समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यो के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए कहा।

Posted By: Nai Dunia News Network