रीवा। अति गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन कार्यशाला का शुभारंभ रायपुर कर्चुलियान के परियोजना क्रमांक-1 में किया गया। साथ ही शारीरिक माप दिवसों का आयोजन किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत शारीरिक माप रिपोर्ट में भिन्नता पाए जाने की स्थिति में सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन कार्यक्रम का रोस्टर तैयार किया गया। रोस्टर को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय किया गया।

यहां के बच्चों को मिला लाभ

महिला बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रतिभा पांडे ने बताया कि महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयास से परियोजना के आंगनवाड़ी केन्द्र अमिलिया, खरहरी, सेदूरा, भीर, खीरा, बंधवा-403, पहड़िया खुझ 3, रायपुर कर्चुलियान क्रमांक-6, बरेही, खजुहा, तिवरिगवां, टिकुरी एवं इटहा 2 में 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों की पुनः शारीरिक माप का सत्यापन किया गया। चिन्हि्‌त बच्चों को सीसैम में भर्ती कराकर भर्ती के पूर्व बच्चों में एएनएम द्वारा चिकित्सकीय जटिलता की जांच, बच्चों की भूख की जांच टीएचआर से तैयार किया। एएनएम द्वारा बच्चों को अमाक्सिसिलिन की पहली खुराक, एल्बेंडाजोल की गोली एवं मल्टीबिटामिन सिरप दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को चिन्हि्‌त बच्चों के लिए नियमित टीएचआर से बने व्यंजन की पोषण प्रदर्शनी लगाए जाने के निर्देश दिए गए तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार देने के लिए कहा गया।

Posted By: Nai Dunia News Network