सिंगरौली, नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम आयुक्त आरपी सिंह की गुरुवार की देर रात हृदय गति रुकने से मौत हो गई। रात में करीब साढ़े 10 बजे सरकारी बंगले पर उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ। पड़ोस में रहने वाले निगम अधिकारी उन्हें लेकर अस्पताल पहुंच पाते कि रास्ते में ही उनकी धड़कन रुक गई। अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। निगम अधिकारियों के मुताबिक करीब एक सप्ताह से काम के चलते वह बहुत दबाव में थे। निगम में गुरुवार को ही शाम छह बजे से रात नौ बजे तक चली बैठक में भी उन्होंने यह बात सार्वजनिक तौर पर कही थी।

बताया गया कि रात करीब सवा नौ बजे वह बैठक के बाद निगम कार्यालय से पैदल ही टहलते हुए एक किलोमीटर दूर बिलौंजी में स्थित अपने सरकारी आवास पहुंचे। उन्होंने वाहन चालक से आवास पहुंचने को कहा और पैदल ही टहलते हुए खुद बंगले पर पहुंचे। बंगले पर कार्यरत कर्मी ने कि करीब साढ़े 10 बजे भोजन के दौरान ही उन्हें बेचैनी महसूस हुई। आवास में चपरासी से पानी और दवा मांगा और बगल में रहने वाले निगम के कार्यपालन यंत्री वीबी उपाध्याय को बुलाने को कहा।

चपरासी की सूचना पर कार्यपालन यंत्री दूसरे अधिकारियों को सूचित करते हुए तत्काल आयुक्त आवास पहुंचे और वाहन से गनियारी स्थित वंदना अस्पताल ले गए, लेकिन आयुक्त की तबियत बिगड़ती चली गई। संभावना जताई जा रही है कि रास्ते में ही उनके हृदय की गति रुक गई। यह सब इतने कम समय में हुआ कि अधिकारी आयुक्त के स्वजनों को भी सूचना नहीं दे सके। आवास व अस्पताल के बीच की दूरी डेढ़ किलोमीटर की है। अटैक इतना तेज था कि अस्पताल पहुंचने तक का वक्त नहीं मिला।

बता दें कि निगम आयुक्त मूल रूप में रीवा जिले के बीड़ा सेमरिया गांव के निवासी हैं और उनका परिवार रीवा में ही रह रहा है। परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी है। बड़े बेटे जन्मेजय सिंह व बेटी की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा आशुतोष अभी अविवाहित है। परिजनों द्वारा आयुक्त के शव को रीवा ले जाया गया। अंतिम संस्कार रीवा में ही किया जाएगा। आयुक्त के मौत की खबर से पूरा निगम अमला, कलेक्टर, एसपी, निगम अध्यक्ष व महापौर सहित अन्य दूसरे विभागों के अधिकारी अस्पताल पर पहुंचे।

यह दूसरा अटैक, हो चुकी थी सर्जरी

आरपी सिंह सिंगरौली में जुलाई 2020 में स्थानांतरण होकर आए थे। इससे पहले वर्ष 20 दिसंबर 2016 तक इस पद पर रहे। वर्ष 2016 में दिसंबर के दूसरे सप्ताह में उन्हें हार्ट अटैक का दौरा पड़ा था। इस दौरान उनकी बायपास सर्जरी भी हुई थी। पहले अटैक के बाद ही उनका यहां से स्थानांतरण हो गया था। इसके बाद जुलाई 2020 में स्थानांतरित होकर दोबारा वापस लौटे। यह दूसरा अटैक था, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सके। उनके निधन से उनके जानने वालों व रिश्तेदारों मे शोक की लहर दौड़ गई है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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