रीवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

लोगों को सरकारी अस्पताल के अलावा बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके, इसके लिए मध्यप्रदेश शासन ने जिन जगहों में मेडिकल कॉलेज स्थापित थे वहां पर अस्पताल के संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की थी। जिसके पीछे का उद्देश्य था कि न केवल स्थानीय लोगों को मेडिकल चिकित्सा की शिक्षा प्राप्त होगी बल्कि क्षेत्र के मरीजों को बेहतर लाभ मिलेगा बावजूद इसके इन दिनों श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के संजय गांधी अस्पताल में संचालित ओपीडी व्यवस्था से डॉक्टर कतराते हैं वहीं मरीजों को डॉक्टरों के सरकारी निवास पर बेहतर इलाज की सुविधा मिलती है। हो भी क्यों न इस इस व्यवस्था को जहां डॉक्टर पसंद कर रहे हैं वहीं इसका असर मरीजों के जेब पर पड़ रहा है। इस मामले को लेकर कई बार जिला प्रशासन स्तर पर प्रयास किए गए लेकिन किसी आदेश या निर्देश का असर संजय गांधी अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर एवं श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के प्राध्यापकों पर नहीं पड़ा।

पूर्व कमिश्नर ने लिखा था पत्र

बता दें कि रीवा संभाग के पूर्व कमिश्नर प्रदीप खरे ने आदेश जारी कर संजय गांधी अस्पताल में पदस्थ चिकित्सकों को अनिवार्य रूप से ओपीडी में मरीज को देखने एवं एमएलसी यानी पुलिस विभाग के मेडिकल संबंधित किसी भी प्रकार की जांच न करने की हिदायत दी गई थी। इतना ही नहीं सरकारी निवास पर क्लीनिक चलाने को भी प्रतिबंधित करने की बात कही गई थी। उनके हटाने के उपरांत उक्त आदेश अन्य आदेशों के तहत ठंडे बस्ते में चला गया।

यहां होती है दिक्कत

श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के संजय गांधी अस्पताल को विंध्य की जीवनदायिनी अस्पताल के नाम से जाना जाता है। बावजूद इसके बेहतर सुविधा और बेहतर डॉक्टरों के होने के बावजूद लोगों को अस्पताल की व्यवस्था के तहत ओपीडी में स्वास्थ्य परीक्षण कराने के नाम पर महज 10 रूपए की रसीद कटानी पड़ती है लेकिन लंबी कतारें एवं डॉक्टरों की उदासीनता के कारण मजबूरन गरीब मरीजों को भी डॉक्टरों के सरकारी आवास पर संचालित उनकी स्वता की क्लीनिक में ही स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए जाना पड़ता है। जिससे एक डॉक्टर न्यूनतम फीस 200 से लेकर 1000 रूपए तक निर्धारित की गई है कि ज्यादा होने के बावजूद भले ही निजी क्लीनिक में मरीजों का इलाज कर रहे हो लेकिन भर्ती यदि अस्पताल में एडमिशन के लिए संजय गांधी अस्पताल को महज एक सुरक्षित अस्पताल के लिए ही भर्ती करा दिया जाता है।

ये डॉक्टर कर रहे हैं प्रेक्टिस

सरकारी आवास पर प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों में डॉ मनोज इंदुलकर, डॉ राकेश पटेल, डॉक्टर कल्पना यादव, डॉक्टर शब्द सिंह यादव, डॉ पीके लकटकिया, डॉक्टर एपीएस गहरवार, डॉक्टर पीसी द्विवेदी, डॉक्टर बीएल मिश्रा, डॉ पंकज चौधरी, डॉक्टर अखिलेश त्रिपाठी, डॉ केडी सिंह सहित अन्य डॉक्टर शामिल है।

इन्होंने कहा : यह शिकायत मुझे भी प्राप्त हुई थी कि श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय में पदस्थ प्राध्यापक जो कि संजय गांधी अस्पताल के विभिन्न विभागों के एचओडी पद पर पदस्थ हैं वह सरकारी निवास पर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। यह मामला मेरे संज्ञान में आया है मैं विधि अनुसार कार्रवाई करने के लिए श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता को निर्देशित करूंगा।

राजेश कुमार जैन, कमिश्नर रीवा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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