रीवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रीवा में ग्रामीणों ने निर्वाचन आयोग से मतदान करने के लिए हेलिकाप्टर की मांग की है। दरअसल आजादी के 75 साल बाद भी यहां सड़क नहीं बन पाई है और 3 महीने गांव का संपर्क टूट जाता है। ऐसे में पंचायत चुनाव के दौरा मतदान दल पोलिंग बूथ तक नहीं पहुंच पाएगा।

रीवा जिले के गंगेव जनपद की सेदहा ग्राम पंचायत में एक अलग ही मामला प्रकाश में आया है। जहां आजादी के 75 साल बाद भी सड़क नहीं बन पाई है। फिर भी जिला मुख्यालय में बैठे जिम्मेदार बारिश के मौसम में हो रहे पंचायत चुनाव का पोलिंग बूथ नियुक्त कर दिया है। ऐसे में जनपद पंचायत नेवरिया गांव के मतदाताओं ने निर्वाचन आयोग से शिकायत कर हेलिकाप्टर की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी समय रहते मतदान केंद्र बदल दिया जाए। क्योंकि हल्की सी बारिश में ही गांव का संपर्क टूट जाता है। जिसके बाद मतदान दल पोलिंग बूथ तक नहीं पहुंच पाएगा और आम मतदाता वोट करने से वंचित हो जाएंगे। आरोप है कि नेवरिया गांव बरसात के समय 3 से 4 महीने तक मुख्य मार्ग से कटा रहता है। जरूरी कार्य आने पर ग्रामीणों को खेत की मेड़ और नाले पार कर जाना पड़ता है।

किस गांव में कितने मतदाता

ग्राम पंचायत सेदहा में 1328 मतदाता है। जिसमें पुरुष वोटर 711 और महिला वोटर 617 है। इस पंचायत में सेदहा गांव, नेवरिया गांव, नेवरिया लोहरा गांव, भमरिया गांव और बडिऔर गांव शामिल है।

सेदहा और भंवरिया के कुल मतदाताओं में 85 प्रतिशत से अधिक हरिजन और आदिवासी मतदाता हैं। सेदहा और भमरिया के कुल मतदाताओं की संख्या 409 है। वहीं नेवरिया गांव के अधिकतर मतदाता सामान्य वर्ग के हैं और उनकी संख्या 373 है।

चुनाव में रास्ता का तूल पकड़ा

मामला तूल तब पकड़ा जब इस बार वर्ष 2022 के जुलाई में होने वाले मतदान की तिथियां घोषित हो गई। पता चला कि अब तो मतदान बारिश के समय पर होगा लेकिन नेवरिया जाने के लिए जो रास्ता है वह पूरी तरह से कधाा निजी जमीन खेत से होते हुए कीचड़ युक्त और बड़े नाले से होकर के जाता है। जिसकी वजह से लोगों को दि-त का सामना करना पड़ सकता है और ग्रामीणों ने हैलीकॉप्टर की मांग कर डाली।

इनका कहना

गांव में जाने का रास्ता नहीं है। बारिश के समय सिर्फ हेलिकाप्टर अथवा हवाई जहाज ही जा सकता है। हमारी निर्वाचन आयोग से मांग है कि यदि आप चाहते है तो सभी लोग मतदान करें तो हेलिकाप्टर तैयार रखें।

अर्जुन सिंह, ग्रामीण

सेदहा ग्राम पंचायत से लगे नेवरिया गांव में आज भी आने जाने के लिए कोई सड़क तो दूर मुरुम युक्त रास्ता तक नहीं है। हालात यह हैं की नेवरिया गांव के लोग बरसात के दिनों में 3 से 4 महीने गांव से बाहर निकलने के लिए और गांव में प्रवेश करने के लिये सोचते हैं।

राजमणि सिंह, पूर्व सरपंच

ग्रामीणों की रास्ते को लेकर हो रही समस्याओं का समाधान जल्द ही पूरा किया जाएगा।

शैलेन्द्र सिंह, एडीएम रीवा

Posted By: Nai Dunia News Network

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