रीवा। नईदुनिया प्रतिनिधि

सब्जी के लगातार बढ़ते दाम के चलते आम आदमी अब सब्जी की खरीदी करने में सोच-विचार कर रहा है और मंडी में पहुंचने के बाद वह सब्जी की ज्यादातर दुकानों में पहले तो रेट को लेकर पूछ-परख करता है और फिर सोच के हिसाब से कम सब्जी लेकर घर जाने को मजबूर हो रहा है। महंगाई की सर्वाधिक मार प्याज, लहसुन व सदाबहार सब्जी के नाम से पहचाना जाने वाला आलू पर पड़ रही है। यह आम आदमी से दूर होता जा रहा है तो कुछ इसी तरह के हालात अन्य सब्जियों में भी है। ऐसा नहीं है कि मंडी में सब्जी बिक्री के लिए नहीं है। लेकिन बढ़ते दाम के चलते आम आदमी सब्जी की खरीदी करने में सोच-विचार कर रहा है। इसी तरह से सब्जी के दाम बढ़ते रहे तो निश्चित तौर पर लोगों की थाली से सब्जी जैसी अनिवार्य व्यंजन हटना तय है। प्याज के दाम बढ़ जाने के कारण उसकी खरीदी आम आदमी करना बंद कर दिया है।

60 रुपये किलो बिक रही प्याज

मंडी भाव पर नजर दौड़ाई जाए तो बुधवार को मंडी में फुटकर में टमाटर की बिक्री 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से की जा गई है। तो वहीं प्याज 60 रुपये किलो के आसपास है। थोक व्यापारी टमाटर 20 रुपये किलो के बीच बिक्री कर रहे हैं। इसी तरह फूल गोभी 20 रुपये में सामान्य व छोटी मिल रही है। जबकि अच्छी किस्म की गोभी 20 से 25 रुपये प्रति नग के हिसाब से बिक्री हो रही है। शिमला मिर्च के दाम भी तीखे हैं और 80 रुपये प्रति किलो के दर से यह बिक्री हो रही है। हरी सब्जी के लिए अपनी पैठ रखने वाली पालक, लाल भाजी भी 20 से 25 रुपये गठ्ठी के हिसाब से बिक्री हो रही है। जबकि सामान्य तौर पर यह 5 रुपये से 10 रुपये के बीच में बिक्री होती है। आलू इन दिनों 40 रूपए के दर पर बिक्री हो रही है।

रेट बढ़ने के क्या है वजह

सब्जियों के लगातार बढ़ते दाम के पीछे की मुख्य वजह है कि इस वर्ष लगातार बारिश के चलते स्थानीय किसानों के द्वारा खेतों में लगाई गई सब्जी तैयार नहीं हो पा रही है। जो भी सब्जी तैयार हो रही है उसकी किस्म अच्छी नहीं है। उत्पादन भी कम है। तो वहीं नासिक अन्य राज्यों से आने वाली सब्जियों के चलते रीवा की मंडी भी उस पर निर्भर है। बताया जा रहा है कि टमाटर बंग्लौर, छिदवाड़ा और शिवपुरी से रीवा पहुंच रहा है। हालांकि ऐसे शहरों में भी स्टाक कम होने की वजह से महंगाई बढ़ी है। तो इसी तरह महाराष्ट्र में ज्यादा बारिश होने के कारण प्याज की फसल पर इसका असर पड़ा है और महाराष्ट्र से प्याज की आवक न होने से महंगाई बढ़ रही है।

सब्जियों के दाम पर एक नजर

सब्जी - रेट किलो में

टमाटर - 40 रुपये

प्याज - 60 रुपये

गोभी - 20 से 25 प्रति नग

शिमला मिर्च -80 रुपये

लाल भाजी -25 रुपये गठ्ठी

आलू - 40 रुपये

विक्रेता कहते हैं : मौसम की मार सब्जी पर पढ़ रही है। बाहर से सब्जी आने के कारण महंगी बिक्री हो रही है। स्थानीय किसानों की सब्जी मंडी में पहुंचने के बाद रेट सामान्य हो सकता है।

बीडी कछवाह, सब्जी विके्रता।

Posted By: Nai Dunia News Network

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