रीवा नईदुनिया प्रतिनिधि।

मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष को पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान गुस्सा आया गया और ग्रामीणों से कह दिया नहीं चाहिए एक भी वोट..। मामला रीवा का है। विधानसभा अध्यक्ष पर ग्रामीणों ने विधायक निधि की राशि चहेतों पर बांटने का आरोप लगा दिया। जिससे बाद नाराज गिरीश गौतम ने राजनीति छोड़ने तक की बात कह दी। अब इंटरनेट मीडिया में यह वीडिओ जमकर वायरल हो रहा है।

मध्यप्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष ने भ्रष्टाचार सिद्घ करने पर राजनीति छोड़ने के चुनौती दे डाली। गिरीश गौतम जिला पंचायत के चुनाव में अपने बेटे के समर्थन में प्रचार-प्रसार करने एक गांव गए थे. जहा कुछ लोगों ने विधायक निधि की राशि अपने चहेते कार्यकर्ताओ को देने का आरोप लगा दिया। इस आरोप से विधानसभा अध्यक्ष गुस्से में आ गए और उन्होंने आरोप को सिद्घ करने की चुनौती दे डाली। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा की उन्होंने जरूरतमंदों में विधायक और विधानसभा निधि की राशि दी है। किसी को भी एक रुपया नकद या फिर चेक से नहीं दिया है सभी को आरटीजीएस के माध्यम से खाते में दिए है।

ग्रामीण को दे दिया चुनौती : विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम बेटे के पक्ष में प्रचार करने के दौरान जब उन्हें यह कहा गया कि वह अपने लोगों को विधायक निधि का पैसा दे रहे हैं। ऐसे में विधायक गुस्से में आ गए और कहा कि मैंने किसी को भी नकद चेक में पैसा नहीं दिया है। 100 से अधिक लोगों को राशि आरटीजीएस के माध्यम से दी गई है। यदि मैंने किसी को नगद या चेक में राशि दिया है तो मुझे पूरे गांव का वोट नहीं चाहिए। ऐसा नहीं है तो एक भी वोट किसी दूसरे को नहीं जाना चाहिए। दोनों पक्ष शर्त मंजूर कर लिया है। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें बुलाकर पूरा खाका दिखाने की बात भी कही है उन्होंने यह कहा कि चुनाव मैदान में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता, चुनाव में सभी को चुनौती का सामना करना पड़ता है। अब यह वीडियो इंटरनेट मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। यह वीडियो कहां का है अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।

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